Indus Waters Treaty Crisis: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत को खुलेआम धमकी देते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान के हिस्से वाले पानी के बहाव को रोकने या मोड़ने की कोशिश की गई, तो इसे ‘युद्ध की कार्रवाई’ (Act of War) माना जाएगा। डार ने दावा किया कि पाकिस्तान ऐसी किसी भी स्थिति में अपनी पूरी ताकत और संकल्प के साथ जवाब देने के लिए तैयार है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी पर पाक का प्रोपेगेंडा
मंगलवार को पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली बरसी के मौके पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिलचस्प बात यह है कि जहाँ पूरी दुनिया ने पिछले साल भारतीय मिसाइलों के सटीक प्रहार और पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर हुई तबाही को देखा था, वहीं पाकिस्तानी नेता अपनी जनता के सामने ‘जीत’ का झूठा दावा कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और विदेश मंत्री इशाक डार ने इन कार्यक्रमों में भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला। डार ने राजनयिकों को संबोधित करते हुए भारत की कार्रवाई को ‘अकारण आक्रामकता’ बताया और दावा किया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर अपनी संप्रभुता की रक्षा की है।
सिंधु जल संधि पर नया विवाद
इशाक डार ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को एकतरफा निलंबित करने के संकेतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत चिनाब और झेलम जैसी नदियों के प्रवाह में “अनियमित उतार-चढ़ाव” कर रहा है, जो संधि का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि पानी के बहाव के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल देगी और पाकिस्तान इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। गौर तलब है कि भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि “खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते”, जिससे पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गई है।
Pakistan threatens India that it will respond with full might if water flow is stopped.
— OSINT Spectator (@osintspectator) May 6, 2026
Pakistan Foreign Minister Ishaq Dar said, "Any attempt to stop or divert the flow of water belonging to Pakistan under the Indus Waters Treaty will be considered as an ACT OF WAR. Any… pic.twitter.com/JYfJpqOhq0
हार को जीत बताने की पुरानी फितरत
ऐतिहासिक तथ्यों को झुठलाने में माहिर पाकिस्तान एक बार फिर वैसी ही स्थिति में है जैसी 1971 के युद्ध के दौरान थी। रिकॉर्ड बताते हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने पीओके और पाकिस्तान के भीतर स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को जमींदोज कर दिया था। भारतीय मिसाइलों को रोकने में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नाकाम साबित हुआ था, जिसके वीडियो खुद पाकिस्तानी नागरिकों ने सोशल मीडिया पर साझा किए थे। इसके बावजूद, इशाक डार और अन्य मंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को ‘शांति का दूत’ बताते हुए भारत पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह ‘वॉटर वॉर’ की धमकी असल में अपनी आंतरिक विफलताओं और सैन्य हार से जनता का ध्यान भटकाने की एक कोशिश है। फिलहाल भारत ने पाकिस्तान की इस गीदड़भभकी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे पाकिस्तान की हताशा का प्रतीक माना जा रहा है।
