तमिलनाडु की राजनीति में छह दशकों से चली आ रही द्रविड़ किलों की घेराबंदी को तोड़ते हुए अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने इतिहास रच दिया है। 234 सीटों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतकर टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से कुछ कदम दूर रह गई थी, लेकिन अब कांग्रेस के समर्थन के साथ विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
कांग्रेस का ‘सशर्त’ समर्थन और मंत्री पद की मांग
सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल मीटिंग में टीवीके को समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। कांग्रेस के सभी पांच विधायकों ने विजय की पार्टी के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताई है। हालांकि, यह समर्थन ‘सशर्त’ है। कांग्रेस राज्य सरकार में दो मंत्री पदों के साथ-साथ विभिन्न बोर्डों और कॉरपोरेशनों में चेयरमैन पद की मांग कर रही है। इस बैठक की रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को भेज दी गई है, जो अंतिम मुहर लगाएगा। कल औपचारिक समर्थन पत्र जारी होने के बाद कांग्रेस विधायक विजय से मुलाकात करेंगे।
7 मई को शपथ ग्रहण और कैबिनेट पर मंथन
चर्चा है कि विजय 7 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। सरकार गठन की औपचारिकताओं को लेकर विजय ने चेन्नई के पट्टिनमपक्कम स्थित अपने आवास पर नवनिर्वाचित विधायकों के साथ गहन बैठक की। इस बैठक में संभावित कैबिनेट मंत्रियों के नामों पर विचार किया गया। संभावित मंत्रियों की सूची में एन. आनंद (टी. नगर), अरुणराज (तिरुचेंगोडे), सेंगोट्टैयन (गोपिचेट्टिपालयम), अधव अर्जुना (विल्लीवक्कम), सीटीआर निर्मलकुमार (तिरुपरंकुंद्रम), मारिया विल्सन (आरके. नगर), राजमोहन (एगमोर), वीएस बाबू (कोलाथुर) और जेसीडी प्रभाकर के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
द्रविड़ राजनीति के ‘दिग्गज’ हुए धराशायी
इस चुनाव ने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) महज 59 सीटों पर सिमट गई है। सबसे बड़ा उलटफेर कोलाथुर सीट पर देखने को मिला, जहां खुद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, एआईएडीएमके (AIADMK) 47 सीटें जीतकर तीसरे स्थान पर रही। टीवीके की इस जीत को द्रविड़ राजनीति की द्विध्रुवीय व्यवस्था के अंत के रूप में देखा जा रहा है। विजय ने राज्यपाल को पत्र भेजकर मुलाकात का समय मांगा है, जिसके बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।
