“मैं इस्तीफा क्यों दूँ? जनादेश लूटा गया है”— भवानीपुर में हार के बाद ममता बनर्जी के बागी तेवर, EC पर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में अभूतपूर्व गतिरोध पैदा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा 207 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल करने और तृणमूल कांग्रेस के 100 सीटों के नीचे सिमटने के बावजूद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है।

Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव नतीजों को जनादेश नहीं बल्कि साजिश करार देते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुसार कराई गई।

चुनाव परिणामों में ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा, जबकि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। भाजपा ने 293 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

नतीजों के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के वोट से नहीं हारी है, बल्कि जनादेश छीना गया है। उन्होंने कहा कि इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि यह हार लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हुई है। ममता ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं और लगभग 100 सीटों पर परिणाम प्रभावित किए गए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना की प्रक्रिया जानबूझकर धीमी रखी गई, ताकि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोबल तोड़ा जा सके। ममता बनर्जी ने कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा। उनके मुताबिक तृणमूल कांग्रेस भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से लड़ रही थी।

मुख्यमंत्री ने मतगणना केंद्र में अपने साथ बदसलूकी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें केंद्र के अंदर धक्का दिया गया और अपमानजनक व्यवहार किया गया। साथ ही केंद्रीय बलों पर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत संपन्न हुई है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे समय सीसीटीवी निगरानी जारी रही और किसी भी तरह की गड़बड़ी, धक्का-मुक्की या प्रक्रिया में हस्तक्षेप की बात गलत है।

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के आरोपों को निराधार और असत्य बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। आयोग का कहना है कि यदि किसी उम्मीदवार को आपत्ति है तो उसके लिए कानूनी रास्ते खुले हैं।

भाजपा की इस बड़ी जीत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया अध्याय खोल दिया है। वहीं ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने और चुनाव परिणामों को चुनौती देने वाले बयान के बाद राज्य में राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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