Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद मृतक परिवार का दर्द और गुस्सा खुलकर सामने आया है। अदालत के फैसले की खबर मिलते ही राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी भावुक हो गईं और उन्होंने फैसले पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस बेटे की दुनिया उजड़ गई, उसके परिवार को अब न्याय की उम्मीद भी टूटती नजर आ रही है।
करीब 11 महीने पहले इसी घर में शादी की खुशियां थीं। ढोल-नगाड़ों के बीच नई बहू सोनम का स्वागत हुआ था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा राजा नई जिंदगी शुरू करेगा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद सब कुछ बदल गया। शादी के बाद राजा और सोनम हनीमून के लिए मेघालय गए थे। वहीं से दोनों के लापता होने की खबर आई। बाद में राजा का शव मिला, जबकि सोनम कई दिनों तक लापता रही।
कुछ समय बाद सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के पास एक ढाबे से मिली। इसके बाद जांच में सनसनीखेज आरोप सामने आए कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति राजा की हत्या की साजिश रची और खुद गायब होकर कहानी को दूसरी दिशा देने की कोशिश की। अब उसी सोनम को अदालत से जमानत मिलने पर परिवार में आक्रोश है।
राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद जमानत कैसे दी गई। उन्होंने कहा, “मुझे कानून पर भरोसा था, लेकिन अब लगता है कानून अंधा हो गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पैसों का खेल हुआ है और कई लोग इसमें शामिल हैं। हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उमा रघुवंशी ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शुरुआत में पुलिस परिवार के साथ खड़ी नजर आई, लेकिन बाद में रवैया बदल गया। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी कोई लड़का होता, तो शायद इतनी आसानी से जमानत नहीं मिलती। उन्होंने साफ कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगी और अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी।
राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने भी फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें कानून पर भरोसा था, लेकिन इस आदेश ने विश्वास तोड़ दिया। वहीं राजा के भाई सचिन रघुवंशी ने कहा कि फिल्मों में सुना था कि कानून अंधा होता है, लेकिन अब यकीन हो गया।
दूसरी ओर अदालत ने जमानत कानूनी आधारों पर दी है। आदेश के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तारी के समय उस धारा की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी जिसके तहत कार्रवाई की गई। दस्तावेजों में ऐसी धारा का उल्लेख था जो अस्तित्व में ही नहीं है, जबकि हत्या से जुड़ी धारा का जिक्र नहीं था। अदालत ने इसे गंभीर प्रक्रिया संबंधी कमी माना। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं था कि पहली पेशी के दौरान आरोपी को वकील की उचित सुविधा मिली थी या नहीं।
अदालत ने जमानत देते हुए कई शर्तें भी लगाई हैं। आरोपी गवाहों या साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगी, हर सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहेगी, बिना अनुमति न्यायालय क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगी और 50 हजार रुपये के निजी मुचलके के साथ दो जमानती देने होंगे।
पूरा मामला इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी से जुड़ा है। राजा की शादी 11 मई को सोनम से हुई थी। कुछ दिनों बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए। 23 मई को राजा लापता हो गए और 2 जून को चेरापूंजी की एक खाई में उनका शव मिला। बाद में 8 जून को सोनम ने गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। तभी से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
