Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले उत्तर 24 परगना जिले का जगद्दल इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। रविवार देर रात जगद्दल पुलिस स्टेशन के बाहर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह घटना उस वक्त हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इसी क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने वाले हैं। हिंसा के दौरान देसी बमों के धमाकों और अंधाधुंध गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस संघर्ष में भाजपा प्रत्याशी पवन सिंह की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ (CISF) के एक जवान योगेश शर्मा को गोली लग गई, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना की शुरुआत रविवार रात करीब 10 बजे हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा के जगद्दल उम्मीदवार राजेश कुमार एक मामले की जानकारी लेने पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उसी समय टीएमसी पार्षद मनोज पांडे भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा नेता अर्जुन सिंह और उनके बेटे व भाटपारा से भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह भी मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जैसे ही भाजपा नेता अपनी गाड़ियों से उतरे, दोनों पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ गए। पुलिस स्टेशन के बाहर ही जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसे नियंत्रित करने में स्थानीय पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
बमबाजी और गोलीबारी से दहला इलाका
पुलिस स्टेशन के पास शुरू हुई यह झड़प जल्द ही घोषपारा रोड और आसपास के रिहायशी इलाकों तक फैल गई। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी समर्थकों ने पवन सिंह के आवास को निशाना बनाकर देसी बम फेंके। इसी दौरान हुई फायरिंग में सीआईएसएफ जवान के पैर में गोली लगी। भाजपा प्रत्याशी पवन सिंह ने आरोप लगाया कि जब वे प्रधानमंत्री की रैली के लिए पोस्टर और झंडे लगा रहे थे, तभी टीएमसी के गुंडों ने उन पर हमला किया।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा समर्थकों और अर्जुन सिंह के सुरक्षाकर्मियों ने पहले उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। टीएमसी का दावा है कि उनके एक कार्यकर्ता को बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सुरक्षा बल तैनात, 4 गिरफ्तार
चुनाव आयोग ने इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में केंद्रीय बलों (CAPF) की तैनाती कर दी गई है। पुलिस ने रात भर चले तलाशी अभियान के बाद अब तक कौशिक दास, सिकंदर प्रसाद, गोपाल राउत और श्यामदेव साव नामक चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
प्रधानमंत्री की रैली से पहले हुई इस हिंसा ने राज्य में कानून-व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में धारा 144 जैसे कड़े प्रतिबंध लागू हैं और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
