कोलंबिया में भीषण आतंकी हमला: यात्रियों से भरी बस में बम विस्फोट, 14 की मौत और 38 घायल

दक्षिण अमेरिका के देश कोलंबिया में एक बार फिर हिंसा ने भयावह रूप ले लिया है। दक्षिण-पश्चिमी इलाके में यात्रियों से भरी बस में हुए भीषण बम धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। इस हमले में 14 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

दक्षिण-पश्चिम कोलंबिया का काउका प्रांत एक बार फिर भीषण हिंसा और रक्तपात की चपेट में है। शनिवार को यात्रियों से भरी एक बस में हुए शक्तिशाली बम विस्फोट ने पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। यह धमाका उस समय हुआ जब बस काहिबियो नगरपालिका के पास पैनअमेरिकन हाईवे से गुजर रही थी। इस दुखद घटना में 14 मासूम नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 38 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कोलंबियाई सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने इसे एक सुनियोजित ‘आतंकवादी हमला’ करार दिया है।

सुरक्षा बलों के अनुसार, इस कायराना हमले के पीछे पूर्व फार्क (FARC) विद्रोहियों के विद्रोही गुट ‘हाइमे मार्टिनेज’ का हाथ बताया जा रहा है। यह वही गुट है जिसने 2016 के ऐतिहासिक शांति समझौते को मानने से इनकार कर दिया था और अब इवान मोर्डिस्को के नेटवर्क के साथ मिलकर क्षेत्र में आतंक फैला रहा है। राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों को ‘फासिस्ट और ड्रग तस्कर’ कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये अपराधी शांति प्रक्रिया में बाधा डालने और अवैध गतिविधियों को जारी रखने के लिए आम जनता को निशाना बना रहे हैं।

क्षेत्र में पिछले 48 घंटों से हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं, क्योंकि इस दौरान बम धमाकों और गोलीबारी की लगभग 26 आपराधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। बस धमाके से पहले अल टैम्बो में विस्फोटक लदे तीन ड्रोनों को मार गिराया गया था, जबकि शुक्रवार को काली और पल्मिरा में सैन्य ठिकानों के पास कार बम धमाके किए गए थे। हिंसा के इस सिलसिले को देखते हुए घाटी डेल कौका की गवर्नर फ्रांसिस्का टोरो ने केंद्र सरकार से तत्काल खुफिया सहायता और अतिरिक्त सैन्य बल भेजने की गुहार लगाई है ताकि बेगुनाह लोगों की जान बचाई जा सके।

काउका और वैले डेल काउका का यह इलाका भौगोलिक रूप से ड्रग तस्करी के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है। समुद्री और नदी मार्गों पर नियंत्रण पाने के लिए अलग-अलग सशस्त्र गुटों के बीच चलने वाला यह खूनी संघर्ष अब सार्वजनिक ढांचे और आम यात्रियों तक पहुंच गया है। विद्रोही गुटों द्वारा ड्रग्स और अवैध व्यापार पर कब्जे की इस जंग ने आम कोलंबियाई नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल दिया है, जिससे सरकार की सुरक्षा नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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