उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मदरसों में रामायण पढ़ाने की बात नहीं की, बल्कि एनसीईआरटी सिलेबस लागू करने की बात की, जिसमें श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा नानकदेव और पैगंबर मोहम्मद सभी के किरदार शामिल होंगे।
मदरसों में NCERT पाठ्यक्रम
उनके अनुसार, मदरसों में रामायण पढ़ाने की बात उन्होंने सीधे तौर पर नहीं कही। बल्कि, उनका कहना है कि आधुनिक मदरसों में NCERT का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा, जिसमें श्री राम, श्री कृष्ण, गुरु नानक देव और मोहम्मद साहब जैसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों के चरित्र शामिल हैं, जिन्हें पढ़ाया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि वे एक खुदा और एक नबी को मानने वाले मुसलमान हैं, लेकिन उनका डीएनए भारतीय है, इसलिए वे श्री राम का भी सम्मान करते हैं और अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा देना चाहते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर पर तिरंगा यात्रा
पहलगाम में आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर की गई हत्याओं की उन्होंने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने उन आतंकियों को करारा जवाब दिया है और इस ऑपरेशन में एक मुस्लिम बेटी का भी शामिल होना यह दर्शाता है कि इस्लाम हक का नाम है और भारत की सेना घर में घुसकर ऐसे अधर्मी तत्वों को सबक सिखाएगी। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए सेना को सलाम किया और तिरंगे की आन-बान-शान को सम्मान दिया।
मंत्री कुंवर विजय शाह के बयान पर
उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने भारत का नाम रोशन किया है और उन्हें मजहब के पैमाने पर नहीं तौलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोफिया कुरैशी भी भारत की बेटी हैं और भारत का हर बेटा-बेटी जरूरत पड़ने पर अपना खून न्योछावर करने के लिए तैयार है। उन्होंने मंत्री के बयान पर तरस जताया और उम्मीद जताई कि पार्टी उन्हें सबक सिखाएगी। उन्होंने ऐसी “गंदी सोच” रखने वालों के लिए अपने पास कोई शब्द नहीं बताया।
