TCS Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में कथित जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही एचआर मैनेजर निदा खान की लोकेशन अब सामने आ गई है। परिवार के अनुसार, वह फिलहाल मुंबई में है और प्रेग्नेंट है।
सूत्रों के मुताबिक, फरार चल रही निदा खान ने नासिक की एक स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। अपनी याचिका में उसने अपनी मेडिकल स्थिति, यानी प्रेग्नेंसी, को प्रमुख आधार बनाया है। इस बीच, मामले में एक नया मोड़ तब आया जब रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि निदा खान टीसीएस की नासिक शाखा में एचआर मैनेजर नहीं, बल्कि एक टेलीकॉलर थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अब तक इस केस में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला एचआर हेड शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, नासिक ऑफिस से जुड़े यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के कुल नौ मामलों की जांच जारी है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच कंपनी के कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। साथ ही, एचआर विभाग ने इन शिकायतों को नजरअंदाज किया। एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। वहीं, अन्य मामलों में अनुचित स्पर्श, निजी जीवन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और मानसिक दबाव बनाने जैसे आरोप सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार, जब पीड़ितों ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, तो उन्होंने उचित कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों को बढ़ावा दिया। एक बयान में यह भी सामने आया कि निदा खान ने एक महिला कर्मचारी को शिकायत दर्ज न कराने की सलाह देते हुए कहा था कि “ऐसी बातें तो होती रहती हैं।”
मामले में धार्मिक उत्पीड़न के आरोप भी गंभीर हैं। एक पुरुष कर्मचारी ने शिकायत में कहा कि उसे जबरदस्ती नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसके धर्म का अपमान किया गया। अन्य शिकायतों में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान, जबरन मांसाहारी भोजन खिलाने और धार्मिक रीति-रिवाजों को थोपने जैसे आरोप शामिल हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक समूह के रूप में काम करते थे और खासतौर पर 18 से 25 वर्ष की महिला कर्मचारियों को निशाना बनाते थे। अब तक दर्ज नौ एफआईआर में से एक पुरुष कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें धार्मिक उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया गया है।
इस पूरे मामले पर टीसीएस ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है और वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करती। कंपनी ने यह भी बताया कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
फिलहाल, पुलिस और एसआईटी की टीमें मुख्य आरोपी निदा खान की तलाश में जुटी हैं और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
