Noida Violence: नोएडा में सोमवार को श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने साफ निर्देश दिए हैं कि हिंसा फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सुबह के समय सेक्टर-60 और फेज-2 समेत कई औद्योगिक इलाकों में वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हिंसा के चलते दिल्ली-नोएडा सीमा पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह के व्यस्त समय में हजारों लोग जाम में फंस गए और लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से राजीव कृष्ण और एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस अब उन ‘उत्तेजक’ और ‘बाहरी तत्वों’ की पहचान कर रही है, जिन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक रूप दिया।
डीजीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पहचान होते ही उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस हिंसा के पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
फिलहाल, गौतम बुद्ध नगर के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को संभाल रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक, हालात अब नियंत्रण में हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
