पुणे के एक स्कूल से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ ‘गुड टच, बैड टच’ (Good Touch, Bad Touch) के बारे में जागरूकता फैलाने गई महिला पुलिसकर्मी ने ही स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ उगाही की साजिश रच डाली। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
तीन पुलिसकर्मियों ने मिलकर बनाया शिकार
आरोपों के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मी सोनाली हिंगे, जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं, ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। उनके साथ इस खेल में पुलिस सब-इंस्पेक्टर अजीत बाडे और कांस्टेबल सुदाम तायडे भी शामिल थे। सोनाली हिंगे पुणे पुलिस के ‘दामिनी स्क्वॉड’ की सदस्य हैं, जिसका काम महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
POCSO एक्ट की धमकी देकर वसूले 7 लाख रुपये
जांच में सामने आया है कि जागरूकता सत्र के बहाने स्कूल पहुंची हिंगे और उनके साथियों ने 55 वर्षीय स्कूल प्रिंसिपल को डराया-धमकाया। उन्होंने प्रिंसिपल पर झूठा आरोप लगाया कि उनके खिलाफ POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) एक्ट के तहत मामला बनता है। पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा और समाज में उनकी भारी बदनामी होगी।
बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से प्रिंसिपल ने पुलिसकर्मियों की मांग मान ली और उन्हें 7 लाख रुपये दे दिए। हालांकि, पैसे देने के बाद प्रिंसिपल को इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने हिम्मत जुटाकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आपबीती सुनाई।
कमिश्नर का सख्त रुख
प्रिंसिपल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि वर्दी का दुरुपयोग करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल इस मामले की विस्तृत जांच चल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इन पुलिसकर्मियों ने पहले भी किसी और को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
