राजस्थान के अजमेर जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सड़क किनारे कपड़ों पर प्रेस करने वाले एक गरीब व्यक्ति को आयकर विभाग (Income Tax) ने करोड़ों रुपये का नोटिस थमा दिया है। पीड़ित जितेंद्र कुमार उस समय गहरे सदमे में आ गए जब उन्हें पता चला कि उनके नाम पर 598 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ है।
जितेंद्र कुमार अजमेर के रामनगर थाना क्षेत्र में रहते हैं और प्रेस करके अपना गुजारा करते हैं। उन्हें 1 अप्रैल 2026 को आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस मिला था। शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि यह क्या है, लेकिन जब उन्होंने वकील को दिखाया तो पता चला कि यह मामला करोड़ों रुपये के हीरे (डायमंड) की खरीद-बिक्री से जुड़ा है। जितेंद्र ने बताया कि उनकी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी और काम का इस तरह के बड़े व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जितेंद्र के वकील राकेश ठाड़ा ने छानबीन की, तो पता चला कि जितेंद्र के पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है। करीब दो साल पहले जितेंद्र का पैन कार्ड खो गया था। वकील का आरोप है कि उसी पैन कार्ड का दुरुपयोग कर किसी ने जितेंद्र के नाम पर फर्जी बैंक अकाउंट खुलवा लिया और जीएसटी नंबर भी हासिल कर लिया।
पीड़ित जितेंद्र ने पाली के एक डायमंड कारोबारी शत्रुघ्न सिंह पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ही उनके दस्तावेज चोरी कर सूरत (गुजरात) में एक फर्जी फर्म खड़ी की। इसी फर्म के जरिए 598 करोड़ रुपये के हीरों का लेन-देन किया गया ताकि असली कारोबारी टैक्स की देनदारी से बच सके। आयकर विभाग ने इस मामले में एक निजी बैंक के मैनेजर को भी नोटिस जारी किया है क्योंकि बिना सत्यापन के खाता कैसे खोला गया, इसकी जांच की जा रही है।
फिलहाल जितेंद्र कुमार ने इस धोखाधड़ी को लेकर रामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस बड़े रैकेट के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद से जितेंद्र और उनका परिवार बेहद डरा हुआ है।
