छपरा (सारण): बिहार के सारण जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस (सतर्कता विभाग) की टीम ने डोरीगंज थाने में तैनात दरोगा मोहित मोहन को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की वर्दी को दागदार करने वाले दरोगा जी को विजिलेंस ने महज 9 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा है। इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
केस से नाम हटाने के लिए मांगी थी घूस
पूरा मामला डोरीगंज थाने में दर्ज मारपीट के एक पुराने केस से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि दरोगा मोहित मोहन इस मामले में एक व्यक्ति का नाम हटाने और पुलिस डायरी में उसके पक्ष में मदद करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, पहले रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये तय की गई थी, लेकिन बाद में सौदा 9 हजार रुपये में पक्का हुआ। पीड़ित व्यक्ति रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने इसकी गुप्त सूचना विजिलेंस टीम को दे दी।
सादे कपड़ों में तैनात विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल
शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस विभाग ने दरोगा को पकड़ने के लिए पुख्ता जाल बिछाया। टीम के सदस्य सादे कपड़ों में दरोगा के आवास के पास तैनात हो गए। जैसे ही पीड़ित ने दरोगा को 9 हजार रुपये थमाए, वैसे ही मुस्तैद विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें दबोच लिया। टीम ने दरोगा के पास से रिश्वत के पैसे भी बरामद कर लिए हैं और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस महकमे में खलबली और आगे की कार्रवाई
विजिलेंस के डीएसपी वसीम अहमद के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी दरोगा मोहित मोहन को टीम अपने साथ पटना ले गई है। मोहित मोहन 2018 बैच के पुलिस अधिकारी हैं। उनकी गिरफ्तारी की खबर छपरा में आग की तरह फैल गई, जिससे स्थानीय पुलिस महकमे में सन्नाटा पसरा हुआ है। पटना ले जाने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी कार्यवाही पूरी की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जनता ने की सराहना
दरोगा की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय जनता विजिलेंस टीम के इस कदम की सराहना कर रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण ही पूरी पुलिस व्यवस्था की छवि धूमिल होती है। इस तरह की कार्रवाइयों से सरकारी सिस्टम में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों के बीच कड़ा संदेश जाएगा।
