पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर सराहना की है। ट्रंप ने भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को ‘अद्भुत’ बताते हुए पीएम मोदी को एक ऐसा नेता करार दिया है जो “काम को अंजाम देना जानते हैं।”
“हम काम पूरा करने वाले लोग हैं”: डोनाल्ड ट्रंप
भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर राष्ट्रपति ट्रंप के इस विशेष बयान को साझा किया है। ट्रंप ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा, “भारत के साथ हमारे अद्भुत संबंध आगे चलकर और भी मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और मैं दो ऐसे व्यक्ति हैं जो काम को अंजाम देते हैं, जो कि अधिकांश लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता।”
मिडिल ईस्ट संकट पर रणनीतिक चर्चा
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई है जब पूरी दुनिया की नजरें ईरान-अमेरिका संघर्ष और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) की सुरक्षा पर टिकी हैं। मंगलवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई लंबी बातचीत में पश्चिम एशिया के ताजा हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। पीएम मोदी ने इस बातचीत को ‘उपयोगी’ बताते हुए स्पष्ट किया था कि भारत क्षेत्र में शीघ्र शांति बहाली और तनाव कम करने का पक्षधर है।
Our amazing relationship with India will be even stronger going forward. Prime Minister Modi and I are two people that get things done, something that cannot be said for most. – President Donald J. Trump pic.twitter.com/NEJCjGBXps
— U.S. Embassy India (@USAndIndia) March 27, 2026
होर्मुज की सुरक्षा पर भारत का रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और सुलभ बनाए रखना पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है। भारत के लगभग 20 जहाजों के इस क्षेत्र में फंसे होने की खबरों के बीच, ट्रंप का पीएम मोदी की कार्यशैली पर भरोसा जताना यह संकेत देता है कि अमेरिका इस संकट के समाधान में भारत की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहा है।
कूटनीतिक गलियारों में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल प्रशंसा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी है। एक तरफ जहां ट्रंप ने ईरान पर हमलों को 6 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है, वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी जैसे ‘रिजल्ट-ओरिएंटेड’ नेता के साथ मिलकर वे इस जटिल युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी बड़े कूटनीतिक समझौते की नींव रख सकते हैं।
