पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य की राजनीति में एक नाटकीय मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार, 24 मार्च को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और संबद्ध निकायों में अपने पास मौजूद 23 महत्वपूर्ण पदों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। ममता बनर्जी के इस फैसले को आगामी चुनावों में पारदर्शिता बनाए रखने और प्रशासनिक संतुलन के लिहाज से एक बड़े रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे मुख्यमंत्री के इस्तीफे की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करें। इसके साथ ही उन सभी अन्य पदों से भी इस्तीफे की कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है, जिनका उल्लेख उनके पत्र में प्रत्यक्ष रूप से नहीं था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह का कदम उठाकर ममता बनर्जी विपक्ष के ‘हितों के टकराव’ जैसे संभावित आरोपों को कुंद करना चाहती हैं।
इस बार का विधानसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता की अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से चुनावी मैदान में हैं। यहां उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा। भवानीपुर की इस जंग पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह मुकाबला राज्य की सत्ता का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
भारतीय चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल, 2026 को होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल, 2026 को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 4 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे। नामांकन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है, जिसमें पहले चरण के लिए 6 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल तक पर्चे भरे जा सकेंगे।
