नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक निजी समाचार चैनल के शिखर सम्मेलन में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला और कांग्रेस पर सत्ता बचाने के लिए देश के भविष्य को गिरवी रखने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से यूपीए शासनकाल के दौरान जारी किए गए ‘तेल बॉन्ड’ का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार ने अपनी जवाबदेही से बचने के लिए आने वाली पीढ़ियों पर भारी वित्तीय बोझ डाल दिया था। प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग ‘रिमोट कंट्रोल’ से सरकार चला रहे थे, उन्होंने देश की चिंता करने के बजाय केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए गलत फैसले लिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2004 से 2010 के बीच कांग्रेस सरकार ने लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बॉन्ड जारी किए थे। उन्होंने खुलासा किया कि इन बॉन्डों का वास्तविक भुगतान 2020 के बाद शुरू हुआ, जो अब ब्याज सहित 3 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में उनकी सरकार ने कांग्रेस के इस ‘वित्तीय पाप’ को धोने का काम किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि यह फैसला आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ बढ़ाएगा।
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— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
वैश्विक पटल पर जारी तनाव, विशेषकर मिडिल ईस्ट के मौजूदा संकट पर प्रधानमंत्री ने भारत का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है और लोग पूछ रहे हैं कि भारत किसके साथ है, तो मेरा सीधा जवाब है—”हम भारत के साथ हैं।” प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों, वैश्विक शांति और संवाद के पक्ष में खड़ा रहेगा। उन्होंने बताया कि युद्ध जैसी स्थितियों और ऊर्जा आपूर्ति की बाधाओं के बावजूद भारत ने खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी देशों तक ऐसी विश्वसनीय साझेदारियां बनाई हैं, जिससे देश की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे।
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने पिछले 23 दिनों की वैश्विक उथल-पुथल और युद्ध जैसी स्थितियों का जिक्र करते हुए भारतीय कूटनीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से लेकर मौजूदा संघर्षों तक, भारत ने अपनी निर्णय क्षमता और संकट प्रबंधन से दुनिया को हैरान किया है। 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट प्रयास और सरकार की विविधीकरण नीति के कारण ही आज वैश्विक मंदी और आपूर्ति संकट के बीच भी भारत प्रगति और विकास के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत की कूटनीति हर विपदा से पार पाने में सक्षम है।
