पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई 26 वर्षीय तरुण की बेरहमी से हत्या का दर्द अभी भी उसके परिवार पर भारी है। पिता मेमराज ने बताया कि कई दिन बीत जाने के बाद भी वे इस सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं। रात में अचानक उनकी नींद खुल जाती है और उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनका बेटा मदद के लिए आवाज लगा रहा हो।
मेमराज भावुक होते हुए कहते हैं कि कई बार उन्हें लगता है कि काश वे उस दिन अपने बेटे को फोन कर लेते और चेतावनी दे देते कि संभलकर आए। शायद ऐसा करने से तरुण सतर्क रहता और इतनी भयानक घटना नहीं होती। रात में उठकर वे अक्सर तरुण के कमरे में चले जाते हैं और उसका बिस्तर देर तक निहारते रहते हैं।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 16 आरोपितों को पकड़ लिया है। मेमराज का कहना है कि अदालत से उनकी उम्मीद है कि सभी दोषियों को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके। घटना से पहले धमकियों का माहौल इतना बढ़ गया था कि परिवार और आसपास के लोग पलायन तक सोचने लगे थे।
मेमराज ने आरोप लगाया कि होली के दिन पानी के गुब्बारे के मामूली छींटों को बहाना बनाकर पहले घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई और बाद में उनके बेटे पर हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुख्य आरोपित के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई कर न्याय की दिशा में कदम उठाया है, लेकिन बाकी आरोपितों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि यह घटना 4 मार्च को हुई थी। जेजे कालोनी, हस्तसाल के इलाके में शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक रूप ले गया। आरोप है कि एक पक्ष के कई लोगों ने मिलकर होली की रात तरुण पर हमला किया। गंभीर चोटों के कारण तरुण की मौत हो गई। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया और आक्रोशित लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
हत्या के बाद से इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं। पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। मेमराज और परिवार अब अदालत से न्याय की उम्मीद में हैं और मानते हैं कि दोषियों को सख्त सजा मिलने से ही उनके बेटे की आत्मा को सच्ची शांति मिलेगी।
