Delhi Weather: देश में मौसम के दो चरम रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां राजधानी दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्य भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर जारी है।
दिल्ली में मार्च के शुरुआती दिनों ने ही गर्मी के मामले में पिछले 50 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आज यानी 11 मार्च को दिल्ली का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है, जो इस मौसम के लिहाज से असामान्य रूप से अधिक है।
राजधानी के सफदरजंग वेधशाला में बीते 7 मार्च को तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से करीब 7.3 डिग्री अधिक है। इससे पहले साल 1999 में मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। लगातार तीन दिनों से 35 डिग्री के ऊपर बना पारा यह संकेत दे रहा है कि इस साल गर्मी समय से पहले और अधिक प्रचंड होने वाली है।
मौसम विभाग ने राजस्थान, गुजरात और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति की चेतावनी जारी की है, जबकि कोंकण और गोवा में भी तापमान बढ़ने की संभावना है।
गर्मी के इस प्रकोप के बीच उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज से 15 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
स्काईमेट के अनुसार, कश्मीर के कुछ इलाकों में भारी बर्फबारी भी हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही इस हलचल का असर मैदानी राज्यों के तापमान पर भी पड़ सकता है, हालांकि दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल बड़ी राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और झारखंड में आज गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी 14 मार्च तक छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में ही हीटवेव का आना जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है ताकि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचा जा सके।
