उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ वाराणसी की रहने वाली और NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा ने एक कैब ड्राइवर पर दुष्कर्म, फर्जी शादी और उसे नवजात बेटी के साथ लावारिस छोड़कर भाग जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता अब इंसाफ के लिए पुलिस के उच्चाधिकारियों के चक्कर काट रही है।
दोस्ती, नशीली चाय और फिर ज्यादती
पीड़िता लखनऊ के चिनहट इलाके में रहकर गोमतीनगर के एक कोचिंग संस्थान से मेडिकल की तैयारी कर रही थी। छात्रा के अनुसार, जुलाई 2023 में उसकी मुलाकात आदित्य यादव नाम के एक कैब ड्राइवर से हुई। कोचिंग आने-जाने के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। आरोप है कि एक दिन आदित्य उसे बहाने से अपने कमरे पर ले गया और चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर आरोपी ने छात्रा को शादी का झांसा देकर चुप करा दिया।
फर्जी शादी और नवजात के जन्म के बाद फरार
पीड़िता का आरोप है कि प्रेग्नेंट होने के बाद आरोपी ने दो दोस्तों की मौजूदगी में एक जगह ले जाकर शादी का नाटक किया। आरोपी उसे लगातार परिवार से मिलवाने की बात कहकर टालता रहा। बीती 2 फरवरी को पीड़िता ने एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। इसके बाद आरोपी उसे नौबस्ता इलाके में एक किराए के कमरे में ले गया। तीन दिन तक साथ रहने के बाद आरोपी दवा लेने के बहाने घर से निकला और फिर वापस नहीं लौटा।
“बेटी के साथ जाकर मर जाओ” – आरोपी ने दी धमकी
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने अपना फोन बंद कर लिया और उसके दोस्तों ने भी साथ छोड़ दिया। जब किसी तरह संपर्क हुआ, तो आरोपी ने उसे अपनी पत्नी मानने से इनकार कर दिया और कहा, “अपनी बेटी के साथ जाकर मर जाओ।” वर्तमान में पीड़िता अपनी नवजात बच्ची के साथ गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रही है।
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले को लेकर पीड़िता ने चिनहट थाने और एसीपी विभूति खंड से न्याय की गुहार लगाई है। 18 फरवरी को पीड़िता ने जॉइंट सीपी बबलू कुमार से भी मुलाकात की। एसएचओ दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और कॉल डिटेल जैसे साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
