अमेरिका ने ईरान के भीतर मौजूद कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक बार फिर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई में लगा संक्षिप्त विराम समाप्त हो गया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, यह ताजा सैन्य कार्रवाई इस हफ्ते जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों के जवाब में की गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने रात 8 बजे (ET) से ईरान के खिलाफ हवाई हमले शुरू किए, जो मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना पर कल किए गए हमले की कोशिश का कड़ा जवाब है। इससे पहले, CENTCOM ने बताया था कि ईरान की जमीन से दागी गई सभी मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया और हमले को नाकाम कर दिया गया। हमलों से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिकी सैनिकों पर किसी भी हमले का जोरदार जवाब दिया जाएगा और ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
इराक में अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त कार्रवाई
ईरान पर सीधे हमलों के अलावा, अमेरिका और सऊदी अरब ने मंगलवार देर रात इराक में स्थित ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए। पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के अनुसार, पूर्वी इराक में लॉजिस्टिक केंद्रों और हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाकर की गई इस कार्रवाई में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पिछले तीन दिनों के दौरान अमेरिकी बलों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों के खिलाफ 30 से अधिक ड्रोन हमले किए गए थे, जिनके पीछे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ माना जा रहा है। सऊदी अरब द्वारा अपने पूर्वी प्रांत में तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ रहे ड्रोन को मार गिराने और इसके लिए इराक से सक्रिय ईरान समर्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद यह संयुक्त कार्रवाई की गई।
U.S. forces began launching strikes against Iran at 8 p.m. ET today. The strikes are a powerful response to yesterday's attempted Iranian attacks on U.S. forces based in the Middle East.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 30, 2026
कूटनीतिक बातचीत के बीच फिर भड़का तनाव
अमेरिका की यह नई सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत जारी थी। अमेरिका ने हालात का आकलन करने और कूटनीतिक रास्ते तलाशने के लिए पिछले हफ्ते ईरान पर बमबारी अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद कहा था कि दोनों देशों के बीच अच्छी बातचीत चल रही है और समझौते की संभावना है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी थी कि बातचीत विफल रहने पर सैन्य कार्रवाई तुरंत दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
इसके अलावा, यह तनाव वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद और बढ़ गया है। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक में ईरान का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा, जिसमें ईरान से निपटने के लिए कूटनीति, सख्त आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य कार्रवाई जैसे तीन मुख्य विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
