रूस के ब्लैक सी में लाइबेरिया के झंडे वाले टैंकर ‘एफ्रामैक्स रियो’ में एक अनमैन्ड वेसल के हमले के बाद आग लग गई। घटना के बाद बड़े स्तर पर इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान टैंकर में मौजूद सभी 23 भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रूस की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने इसकी पुष्टि की है।
रूस की ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री की ओर से टेलीग्राम पर साझा की गई रिपोर्ट के मुताबिक, टैंकर के सभी क्रू मेंबर्स भारतीय नागरिक थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में ब्लैक सी में एक जहाज आग की लपटों में घिरा नजर आया, जबकि उसके ऊपर आसमान में काले धुएं का गुबार दिखाई दिया।
आग बुझाने के लिए फायरफाइटर्स के पास पर्याप्त संसाधन
मिनिस्ट्री के अनुसार, आग की तीव्रता कम होने के बाद फायरफाइटर्स के पास उस पर पूरी तरह काबू पाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध थे। रूस के दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र में स्थित सिरियस के स्थानीय अधिकारियों ने भी टैंकर में आग लगने की जानकारी दी थी।
इमरजेंसी ऑपरेशन जारी रहने के चलते इलाके के समुद्र तटों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था।
‼️ A recent drone attack by Ukraine has set an oil tanker ablaze off Russia’s Black Sea coast. The Liberian-flagged Aframax Rio was attacked off Sochi, triggering a massive fire. The tanker was carrying 23 Indians. All of them were rescued and no injuries were reported. https://t.co/zbS3PImpqd
— Global Brief (@globalbrief_now) October 7, 2026
इससे पहले रूसी ड्रोन ने कार्गो शिप को बनाया था निशाना
इस घटना से पहले ब्लैक सी में एक अन्य जहाज पर हमले की खबर सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक, रूसी ड्रोन ने एक कार्गो शिप को निशाना बनाया था, जिसमें तीन भारतीय नागरिक क्रू में शामिल थे।
हमले में जहाज के कैप्टन की मौत हो गई थी, जबकि एक भारतीय क्रू मेंबर के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में रोमानिया स्थित भारतीय दूतावास ने बताया था कि तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।
हमले के बाद कार्गो शिप ‘एमवी रोयाद ममादोव’ में भीषण आग लग गई थी और बाद में यह डूब गया।
