इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ये प्रदर्शन सरकार के जुल्म और बुनियादी जरूरतों पर सब्सिडी कटौती के खिलाफ हो रहे हैं। बुधवार को सुरक्षा बलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की, जिसमें 8 लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल होने की खबर है।
इसी बीच, पाकिस्तान की जुल्मी सेना अब उन पत्रकारों को भी निशाना बना रही है, जो इस आंदोलन की आवाज़ उठा रहे थे। गुरुवार को इस्लामाबाद के प्रेस क्लब पर पुलिस ने अचानक छापा मारा और वहां प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों और नागरिकों पर लाठीचार्ज किया। इस हमले में कम से कम दो फोटोग्राफर और तीन कर्मचारी घायल हुए, जबकि कई पत्रकारों के कैमरे और मोबाइल तोड़ दिए गए।
पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि पत्रकारों को जमीन पर गिराकर पीटा जा रहा है। पुलिस ने दावा किया कि पत्रकार गलती से निशाना बने।
Islamabad police brutally beating Kashmiri Journalists in side Islamabad Press Club. This is happening in front of media, now just imagine what they are doing in Pakistan administered Kashmir where there is complete communication blackout.#RightsMovementAJK #KashmirisUnderAttck pic.twitter.com/kNyJyVmJiE
— Sohaib Khan (@iamsardarsohaib) October 2, 2025
घटना के बाद पाकिस्तान में नाराजगी फैल गई। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तुरंत जांच के आदेश दिए। वहीं, गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी प्रेस क्लब पहुंचे और पत्रकारों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल प्रदर्शनकारियों को रोकने आई थी, लेकिन वहां पत्रकारों के साथ झड़प हो गई।
प्रदर्शनकारी PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे हैं। वे सरकार पर महंगाई रोकने में नाकामी और मौलिक अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने सरकार के सामने 38 मांगें रखीं, जिनमें PoK विधानसभा की 12 रिजर्व सीटें खत्म करने की मांग भी शामिल है।
यह स्थिति पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकार और सुरक्षा बलों के दमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। PoK में बढ़ती नाराजगी और हिंसा को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजरें इस मामले पर टिकी हैं।
Pak police stormed the Islamabad Press Club, targeting journalists and protestors from PoJK.
— Stuti Bhagat (@StutiBhagat_) October 2, 2025
A state that fears words more than weapons is a failed state. Pakistan exposes its failure every day.#FailedStatePakistan @AdityaRajKaul @LtGenDPPandey pic.twitter.com/UGSSU0GHcC
