Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मई की शुरुआत में हुई हल्की से मध्यम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है, लेकिन अब मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के तापमान में बड़ा अंतर नजर आने लगा है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में रुक-रुक कर हो रही बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया है।
ऊँचाई वाले इलाकों में सुबह और शाम के समय तापमान काफी गिर गया है, जिससे मुक्तेश्वर और नई टिहरी जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया जा रहा है। पहाड़ों में चल रही तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही ने मौसम को सुहावना तो बना दिया है, लेकिन स्थानीय निवासियों को मई के महीने में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, प्रदेश के मैदानी जिलों जैसे देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में स्थिति इसके उलट होती दिख रही है। पिछले दो दिनों से इन इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है और चटख धूप खिलने के कारण पारे में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
देहरादून में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे दोपहर के समय गर्मी का असर बढ़ने लगा है। हालांकि, साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण अभी भी तापमान रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंचा है, जो अप्रैल के अंतिम सप्ताह में देखा गया था। मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल मौसम मिला-जुला है, जहाँ सुबह-शाम राहत है लेकिन दिन चढ़ते ही धूप का तीखापन बढ़ने लगता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत का यह सिलसिला ज्यादा लंबा नहीं चलने वाला है क्योंकि 11 मई से प्रदेशभर में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक बार फिर सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
विभाग ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा।
