खेल जगत में एक बार फिर मैच फिक्सिंग का गंभीर मामला सामने आने से सनसनी फैल गई है। टेनिस खिलाड़ी स्टीफन मिलीसेविच पर मैच फिक्सिंग और अन्य खिलाड़ियों को भ्रष्ट नेटवर्क में शामिल करने के गंभीर आरोपों के तहत वर्ष 2050 तक के लिए कड़ा प्रतिबंध लगा दिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय टेनिस इंटेग्रिटी एजेंसी (ITIA) ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि स्टीफन पर 24 साल का लंबा बैन लगाने के साथ-साथ 70 हजार अमेरिकी डॉलर का भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
मैच फिक्सिंग और खिलाड़ियों की भर्ती के गंभीर आरोप
स्टीफन मिलीसेविच पर कुल 6 मुकाबले फिक्स करने के पुख्ता आरोप साबित हुए हैं, जिनमें से 5 मैचों में वह खुद बतौर खिलाड़ी मैदान पर उतरे थे। इसके अलावा, उन पर वर्ष 2022 से 2024 के दौरान 6 और मुकाबलों को फिक्स करने की साजिश रचने का आरोप है। अगस्त 2013 में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 1338वीं रैंकिंग पर पहुंचने वाले मिलीसेविच पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अन्य टेनिस खिलाड़ियों को मैच फिक्सिंग के अवैध नेटवर्क से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए।
जांच से दूरी और कठोर दंडात्मक कार्रवाई
वर्ष 2026 में आईटीआईए (ITIA) ने इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू की थी। हालांकि, मिलीसेविच ने एजेंसी द्वारा किए गए 7 प्रयासों के बावजूद न तो जांच में हिस्सा लिया और न ही किसी तरह का सहयोग दिया। आखिरकार 24 सितंबर को जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद खिलाड़ी को गंभीर अपराध का औपचारिक नोटिस भेजा गया। इसका भी कोई जवाब न मिलने पर नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 24 साल के लंबे प्रतिबंध का फैसला सुनाया गया।
प्रतिबंध की शर्तें और पाबंदियां
29 वर्षीय स्टीफन मिलीसेविच पर लगाया गया यह प्रतिबंध 9 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो चुका है और यह अक्टूबर 2050 तक लागू रहेगा। इस अवधि के दौरान वह न तो पेशेवर टेनिस खेल सकेंगे और न ही किसी खिलाड़ी को कोचिंग दे पाएंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें एटीपी (ATP), डब्ल्यूटीए (WTA) या किसी भी राष्ट्रीय टेनिस संघ द्वारा आयोजित होने वाले किसी भी आधिकारिक इवेंट या प्रतियोगिता में शिरकत करने से पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि स्टीफन से पहले फ्रांस के टेनिस खिलाड़ी क्वेंटिन फोलियट पर भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जा चुकी है। फोलियट को मैच फिक्सिंग का दोषी पाए जाने के बाद दिसंबर 2025 में 20 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था।
