छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित शेंद्रा-बिडकिन औद्योगिक क्षेत्र, जिसे औरंगाबाद औद्योगिक शहर (एयूआरआईसी) के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में हुई भूमि आवंटन समिति की बैठक में कई कंपनियों को औद्योगिक भूखंडों के आवंटन को मंजूरी दे दी है। एयूआरआईसी देश का पहला एकीकृत ग्रीनफील्ड स्मार्ट औद्योगिक शहर है, जिसे राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईडीसी) के तहत विकसित किया गया है।
स्वीकृत आवंटन विशिष्ट खाद्य सामग्री, कागज़ उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, सड़क निर्माण उपकरण और मिश्र धातु ढलाई सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैले हुए हैं। इन परियोजनाओं से कुल मिलाकर 200 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आएगा और इनसे लगभग 1,000 रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है।
भूमि आवंटन समिति ने प्राथमिकता और विस्तार श्रेणियों के तहत आवेदनों पर विचार करते हुए परियोजना रिपोर्ट, सहायक दस्तावेज़, राजस्व संभावनाओं, भूमि आवश्यकताओं और भविष्य की विस्तार योजनाओं के आधार पर प्रस्तावों का मूल्यांकन किया।
स्वीकृत परियोजनाओं में—
- साइंस फॉर सोसाइटी टेक्नो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर 12 में 37,388 वर्ग मीटर का भूखंड मिला है। कंपनी 104 करोड़ रुपए के निवेश से विशेष खाद्य सामग्री संयंत्र स्थापित करेगी, जिससे 325 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। यह परियोजना शून्य-कार्बन उत्सर्जन सुविधा के साथ पर्यावरण-अनुकूल होगी।
- सु-तंत्र पेपर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, जो पहले से शेंद्रा में कार्यरत है, को विस्तार के लिए सेक्टर 5 में 370.79 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है।
- अलंकार इंजीनियरिंग इक्विप्मेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को सड़क निर्माण उपकरण निर्माण इकाई के विस्तार हेतु 17.50 करोड़ रुपए के निवेश के साथ सेक्टर 5 में 7,378 वर्ग मीटर भूखंड आवंटित किया गया है।
- लोनबेस्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, जिसे मेगा प्रोजेक्ट का दर्जा प्राप्त है, को सेक्टर 12 में 37,388.70 वर्ग मीटर भूमि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई (चिपसेट व पीसीबी उत्पादन) के लिए आवंटित की गई है। यह परियोजना 110 करोड़ रुपए के निवेश से लगभग 500 नौकरियां देगी।
- वरद अलॉय कास्टिंग को सेक्टर 5 में 6,057 वर्ग मीटर भूखंड आवंटित हुआ है, जहां कंपनी एल्युमीनियम व डाई कास्टिंग के लिए नई फाउंड्री स्थापित करेगी।
सरकार इस क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत के हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया के हालिया दौरों में नीतिगत ढांचे को मजबूत करने, उद्योग संबंधी समस्याओं के समाधान और निवेशकों का विश्वास बढ़ाने पर बल दिया गया।
एयूआरआईसी का महत्व
औरंगाबाद औद्योगिक शहर (एयूआरआईसी) को दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, डिजिटल प्रशासन, पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक प्रथाओं के साथ उद्योग, लॉजिस्टिक्स और आवासीय क्षेत्रों का एकीकृत इको-सिस्टम तैयार करना है।
एमआईटीएल के बारे में
महाराष्ट्र औद्योगिक टाउनशिप लिमिटेड (एमआईटीएल), राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (एनआईसीडीसी) और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) के बीच एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) है, जो एयूआरआईसी के विकास और निवेश संवर्धन का प्रबंधन करता है। इसका उद्देश्य व्यापार सुगमता, एकल खिड़की मंजूरी और उद्योग-संचालित विकास को बढ़ावा देना है।
