प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में सांसदों के लिए नवनिर्मित 184 टाइप-VII बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर के चार टावरों – कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारत की महान नदियाँ हैं, जो अब जन-प्रतिनिधियों के जीवन में आनंद की एक नई धारा प्रवाहित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह नया परिसर दिल्ली में सांसदों के ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ाएगा और सरकारी आवास की उपलब्धता में वृद्धि करेगा। उन्होंने इन फ्लैटों के निर्माण से जुड़े सभी इंजीनियरों और श्रमिकों का भी अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें एक सैंपल फ्लैट देखने का मौका मिला, और उन्होंने पुराने सांसद आवासों की बदहाली को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नए आवासों में प्रवेश के बाद सांसद अपनी निजी समस्याओं से मुक्त होंगे, जिससे वे अपना समय और ऊर्जा जनता की समस्याओं के समाधान में लगा पाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बार चुने गए सांसदों को घर मिलने में होने वाली कठिनाइयां अब दूर होंगी। उन्होंने एक बड़ा आर्थिक पक्ष भी रेखांकित किया, जिसमें उन्होंने बताया कि किराए की इमारतों में चल रहे मंत्रालयों पर सालाना करीब 1,500 करोड़ रुपए खर्च होते थे। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच लोकसभा सांसदों के लिए एक भी नया आवास नहीं बना, लेकिन 2014 के बाद से करीब साढ़े तीन सौ सांसद आवास बनाए गए हैं, जिससे अब जनता का पैसा भी बच रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जितना विकसित होने के लिए अधीर है, उतना ही संवेदनशील भी है। उन्होंने कहा कि देश एक तरफ कर्तव्य पथ और कर्तव्य भवन का निर्माण कर रहा है, तो दूसरी तरफ पीएम-आवास योजना के जरिए 4 करोड़ गरीबों को घर भी दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने इन आवासों में सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिए जाने की सराहना की। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि अलग-अलग राज्यों के सांसद एक साथ रहकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक बनें। उन्होंने परिसर में हर प्रांत के त्योहारों के सामूहिक आयोजन और एक-दूसरे को भाषा के कुछ शब्द सिखाने का सुझाव भी दिया। साथ ही, उन्होंने स्वच्छता को परिसर की पहचान बनाने पर जोर दिया और सभी सांसद परिसरों में स्वच्छता प्रतियोगिताएं कराने का सुझाव दिया।
Speaking at the inauguration of newly constructed flats for MPs in New Delhi. https://t.co/tiKnnBqftH
— Narendra Modi (@narendramodi) August 11, 2025
