बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हाल ही में हुई हिंसा के बाद प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। बरेली हिंसा के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा के करीबी नफीस खान के अवैध निर्माण पर शनिवार को बुलडोजर चला दिया गया। प्रशासन ने बताया कि नफीस खान ने बारातघर ‘रजा पैलेस’ बिना स्वीकृत नक्शे के बनाया था। अब रविवार को उसके बचे हुए हिस्से को भी ध्वस्त किया जाएगा।
इसी के साथ तौकीर रजा को शरण देने के आरोप में फरहत खान के घर पर भी कार्रवाई की तैयारी है। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि जो भी लोग इस हिंसा में सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं, उनकी अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
बरेली हिंसा प्रकरण में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 126 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 83 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। नफीस खान की चश्मे की दुकान को भी सील कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, नफीस बिना डिग्री के खुद को डॉक्टर बताकर दुकान चला रहा था। वहीं, फरहत खान और नदीम खान की चार दुकानों को भी सील कर दिया गया है।
बिजली विभाग की भी बड़ी कार्रवाई
हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ अब बिजली विभाग ने भी सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने तौकीर रजा के करीबी लोगों पर करीब 1 करोड़ 26 लाख रुपये की आरसी जारी की है। वहीं ओमान रजा के अवैध चार्जिंग स्टेशन पर 1 करोड़ 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अब तहसील प्रशासन इन बकायों की वसूली की तैयारी कर रहा है।
अवैध संपत्तियों पर जारी है अभियान
बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) और प्रशासन की टीम ने साफ कहा है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। हिंसा में शामिल या उसका समर्थन करने वालों की कोई भी अवैध संपत्ति नहीं बचेगी। फाइक इंक्लेव इलाके में फरहत खान के मकान को भी सील कर दिया गया है। बीडीए की नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद शनिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में मकान का ताला तोड़कर प्रशासन ने सील लगा दी।
इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सहित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी की गई।
बरेली प्रशासन के इस एक्शन से यह साफ संकेत मिल रहा है कि हिंसा और उपद्रव में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।
