निवेशक शिक्षा और संरक्षण निधि प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने 08 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित गोलमेज सम्मेलन के साथ अपना 9वां स्थापना दिवस मनाया। सम्मेलन का विषय था – “अदावाकृत का दावा: भारत में निष्क्रिय वित्तीय परिसंपत्तियों की क्षमता को उजागर करना”।
मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि निष्क्रिय वित्तीय परिसंपत्तियों का राष्ट्रीय विकास में उत्पादक उपयोग करने के लिए नवीन नीतिगत ढांचे और अंतर-एजेंसी समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने आईईपीएफए द्वारा किए गए सुधारों और पहलों की सराहना की।
आईईपीएफए की सीईओ और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव अनीता शाह अकेला ने निवेशक संरक्षण, दावा निपटान को सरल बनाने और वित्तीय साक्षरता फैलाने की पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगामी “डायल योर सीईओ” कार्यक्रम की घोषणा की, जो रिफंड प्रक्रिया तेज़ करने और एआई-संचालित समाधानों को अपनाने पर केंद्रित होगा।
सम्मेलन में सेबी, आरबीआई, पीएफआरडीए, आईआरडीएआई और उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र था – दावा समय-सीमा को कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों का भरोसा मजबूत करना।
कार्यक्रम के अंत में सभी हितधारकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि अनक्लेम्ड परिसंपत्तियों की क्षमता को उजागर कर वित्तीय समावेशन और निवेशकों का विश्वास बढ़ाया जाएगा।
IEPFA marked its 9th Foundation Day by organizing a Round Table Conference on
— IEPFA (Investor Education and Protection Fund) (@authorityiepf) September 9, 2025
“Claiming the Unclaimed: Unlocking the Potential of Idle Financial Assets in India” in New Delhi on 8th September 2025.
The conference witnessed participation from senior policymakers, regulators, and… pic.twitter.com/gcnU0uPkbL
