नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चीन के तियानजिन शहर में एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। जिसके बाद चीन से दिल्ली लौटते ही प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न हालात पर चर्चा की और राज्य को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
पंजाब में आई बाढ़ से बड़ी तबाही हुई है। इसके चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने केंद्र से 60,000 करोड़ रुपये के लंबित फंड तुरंत जारी करने की मांग की। मान ने स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (SDRF) के नियमों में बदलाव करने की भी अपील की, ताकि प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 50,000 रुपये का मुआवजा दिया जा सके।
पत्र में मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में पंजाब में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 828 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को रद्द कर दिया है। इससे राज्य की ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आपदा की स्थिति को देखते हुए इन परियोजनाओं को फिर से मंजूरी दी जाए।
भारी बारिश के कारण होशियारपुर जिले के कई गांव बाढ़ में डूब गए हैं। कपूरथला जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया और सुल्तानपुर लोधी इलाके के लोगों से अपील की कि वे ऊपरी पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और बढ़ते ब्यास नदी के जलस्तर के कारण सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ।
राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को 3 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया। इससे पहले स्कूलों में छुट्टियां 27 से 30 अगस्त तक थीं। पटियाला जिला प्रशासन ने लोगों से भी अपील की कि वे बारिश के कारण घग्गर और तंगरी नदियों के किनारे न जाएँ। प्रशासन ने कहा कि जान-माल की सुरक्षा के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
