SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद पर दिया जोर, कहा- ‘आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एससीओ एक समावेशी विश्व व्यवस्था और बहुपक्षवाद का मार्गदर्शक बन सकता है।

PM Modi at SCO Summit: "No Double Standards on Terrorism
PM Modi at SCO Summit: "No Double Standards on Terrorism

25वें एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस मंच पर भाग लेते हुए उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने शानदार स्वागत और आतिथ्य सत्कार के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का हार्दिक आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने उज़्बेकिस्तान और किर्गिज़स्तान के राष्ट्रीय दिवस पर दोनों देशों के नेताओं को शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 24 वर्षों में एससीओ ने यूरेशिया क्षेत्र की extended family को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और भारत ने हमेशा एक सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने एससीओ में भारत की नीति के तीन स्तंभ बताए:

S – सिक्यूरिटी,

C – कनेक्टिविटी

O – अपॉर्च्युनिटी

सुरक्षा पर बात करते हुए मोदी ने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद बड़ी चुनौतियां हैं। आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा खतरा है और इसमें किसी भी तरह के double standards स्वीकार्य नहीं होंगे। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र किया और कहा कि यह मानवता पर सीधा आघात था। पीएम मोदी ने जोर दिया कि आतंकवाद के हर रूप और रंग का मिलकर विरोध करना होगा।

कनेक्टिविटी पर उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा इस बात पर बल दिया है कि मजबूत कनेक्टिविटी से व्यापार के साथ-साथ विश्वास और विकास के द्वार खुलते हैं। उन्होंने चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि कनेक्टिविटी में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान जरूरी है।

अवसर के स्तंभ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान स्टार्टअप्स, इनोवेशन, पारंपरिक चिकित्सा, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध विरासत जैसे विषयों पर सहयोग को आगे बढ़ाया। उन्होंने एससीओ के अंतर्गत एक सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम बनाने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एससीओ एक समावेशी विश्व व्यवस्था और बहुपक्षवाद का मार्गदर्शक बन सकता है। उन्होंने एससीओ के अगले अध्यक्ष के रूप में किर्गिज़स्तान के राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं।

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