नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए जासूसी के आरोपी हसीन ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। हसीन ने बताया है कि उसने भारत से 4 सिम कार्ड पाकिस्तान में सौंपे थे, जो सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हाथों तक पहुंचे। इन्हीं सिम कार्ड्स का इस्तेमाल कर ISI ने भारत की खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक, ISI का मुख्य टारगेट रिसर्च और रक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी रहे हैं। इसी के तहत DRDO के एक अधिकारी को भी फंसाने की साजिश की गई थी।
हसीन को पाकिस्तान से स्पष्ट निर्देश मिले थे कि वह भारत में एक स्लीपर सेल तैयार करे—ऐसे लोगों का नेटवर्क जो कभी भी ISI के निर्देशों पर काम कर सकें। हसीन का मकसद ऐसे लोगों की भर्ती करना था जो समय आने पर टास्क के लिए तैयार रहें।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि हसीन जब भी पाकिस्तान गया, वह सिर्फ अपने रिश्तेदारों के घर पर ठहरा और कभी भी पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल नहीं किया। बातचीत के लिए वह अपने रिश्तेदारों के फोन का सहारा लेता था।
हसीन ने अब तक यह माना है कि वह 2 से 3 बार पाकिस्तान गया है। वहां वह किन लोगों के संपर्क में रहा, इसकी जानकारी जुटाने के लिए एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
