बांग्लादेश के पूर्व अंतरिम सरकार प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित जॉन एफ. कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कड़े विरोध और उग्र नारेबाजी का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहेद उर रहमान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जाहेद उर रहमान ने इस घटना को ‘आवामी लीग का आतंक’ करार दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि जब मोहम्मद यूनुस एयरपोर्ट टर्मिनल से बाहर निकल रहे थे, तब प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और उनके खिलाफ तीखी नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने ‘आप आतंकवादी हो, हत्यारे हो’, ‘आप यहां क्यों आए?’ और ‘आपने देश में हजारों पुलिसकर्मियों को मारा’ जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए नारे लगाए।
इस दौरान व्हीलचेयर पर बैठे मोहम्मद यूनुस काफी असहज दिखाई दिए और उन्होंने पूरी घटना के दौरान चुप्पी साधे रखी। उनके साथ मौजूद पूर्व अंतरिम शासन की प्रमुख सहयोगी लामिया मोर्शेद उनका सामान संभालती नजर आईं। स्थिति को बिगड़ता देख उनके साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों और सहायकों ने व्हीलचेयर को तेजी से वापस टर्मिनल के भीतर मोड़ लिया ताकि उन्हें किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार से बचाया जा सके। जाहेद उर रहमान ने विदेश में रह रहे आवामी लीग के सदस्यों को साफ चेतावनी दी है कि यदि वे इस तरह की हिंसक और अपमानजनक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।
वैश्विक मंचों पर विरोध और खसरे के प्रकोप पर आलोचना
रिपोर्टों के अनुसार, मोहम्मद यूनुस इस समय एक व्यक्तिगत दौरे पर अमेरिका गए हैं। इससे लगभग एक महीने पहले उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बर्लिन में आयोजित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में अपनी भागीदारी अंतिम समय में रद्द कर दी थी। बताया जाता है कि यूरोप में आवामी लीग समर्थकों के भारी विरोध और विरोध याचिकाओं के कारण उन्होंने यह दौरा टाल दिया था।
इसके अलावा, अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान बांग्लादेश में फैले खसरे (Measles) के प्रकोप को ठीक से न संभाल पाने के कारण भी यूनुस प्रशासन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी आलोचना हुई है। इस महामारी में आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 1,170 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) का दावा है कि उसने टीकों की खरीद में हो रही देरी को लेकर अंतरिम सरकार को 10 से अधिक बार चेतावनी दी थी। यूनिसेफ के माध्यम से वैक्सीन खरीदने के बजाय खुली निविदा प्रक्रिया अपनाने के फैसले से प्रशासनिक देरी हुई, जिससे देश में जीवनरक्षक टीकों का गंभीर संकट पैदा हो गया था।
गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद मोहम्मद यूनुस ने 8 अगस्त 2024 को अंतरिम प्रशासन की कमान संभाली थी और लगभग डेढ़ साल तक शासन चलाया था। वर्ष 2025 में विशेष न्यायाधिकरण ने शेख हसीना को उनकी अनुपस्थिति में फांसी की सजा सुनाई थी, जिसके बाद अंतरिम सरकार ने आवामी लीग को प्रतिबंधित कर भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की थी।
