रियाद: पश्चिम एशिया में सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच सैन्य संघर्ष और तनाव बेहद गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। हूती संगठन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अरामको की एक प्रमुख तेल फैसिलिटी को बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है। हूती पक्ष का कहना है कि इस कार्रवाई में लक्षित ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचा है और वहाँ आग लग गई। हालाँकि, सऊदी अरब ने रियाद पर ऐसे किसी भी हमले की बात को सिरे से खारिज कर दिया है।
दावों और प्रति-दावों का दौर
हूती समर्थित अल-मसीरा चैनल पर याह्या सरी ने कहा कि इस सफल ऑपरेशन के बाद अरामको फैसिलिटी के पास धुएं का गुबार देखा गया। इसके विपरीत, सऊदी नीत गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने हूती दावों को पूरी तरह भ्रामक करार दिया है। उनका कहना है कि ताइज के मोर्चे पर हूतियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और वे अपनी हार से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की ‘काल्पनिक जीत’ का झूठा प्रचार कर रहे हैं। इससे पहले हूती पक्ष ने यानबू पोर्ट और अरामको ठिकानों पर भी हमले का दावा किया था, जहाँ सऊदी सेना ने 6 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की बात कही थी।
नाकाबंदी और जवाबी कार्रवाई की चेतावनियां
हूती संगठन अंसारुल्लाह ने चेतावनी दी है कि जब तक सऊदी अरब द्वारा उन पर लगाई गई नाकाबंदी नहीं हटाई जाती, तब तक सऊदी शहरों और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमले जारी रहेंगे। हूतियों ने यह भी कहा है कि यदि सऊदी अरब कोई बड़ा सैन्य कदम उठाता है, तो उसका जवाब दोगुने बड़े हमले से दिया जाएगा। दूसरी ओर, रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में हूतियों का वर्चस्व समाप्त करने के लिए एक बड़े सैन्य अभियान की योजना बना रहा है, जिसके लिए वह अमेरिका और पाकिस्तान से सहयोग की उम्मीद कर रहा है।
यमन में व्यापक हवाई हमले और भारी नुकसान
रियाद पर हमले के दावों के बीच सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन में हूती ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। 5 घंटे के भीतर सना, सादा, ताइज, हज्जा, अमरान और अल-बायदा में 90 से अधिक एयर स्ट्राइक की गईं। हूती गढ़ माने जाने वाले सना पर अकेले 26 हमले हुए, जबकि सादा में एक प्रमुख मीडिया कम्युनिकेशन सेंटर को निशाना बनाया गया। उधर ताइज के मोर्चे पर यमनी सरकारी सेना की जमीनी कार्रवाई में 97 ऑपरेशनों के दौरान 260 हूती लड़ाकों के मारे जाने या निष्क्रिय होने तथा 44 सैन्य वाहनों के नष्ट होने का दावा किया गया है।
