दुबई से इजरायल जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट में हुई घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल ओमानी को-पायलट के कथित इरादे को लेकर उठ रहा है। विमान को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश और भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के पीछे उसकी मंशा क्या थी, इसे लेकर फिलहाल अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, घटना की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों ने आरोपी को-पायलट को पकड़ लिया, उस समय वह कथित तौर पर चिल्ला रहा था, ‘मुझे मार दो, मुझे मार दो।’ इसके बाद यात्रियों की मदद से स्थिति को काबू में किया गया और विमान को सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर उतारा गया।
इजरायली प्रधानमंत्री ने जताई हैरानी
इजरायल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में इजरायल जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट में ओमानी पायलट की मौजूदगी को लेकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे एयरलाइन की बड़ी चूक बताया है।
नेतन्याहू ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि ओमानी पायलट के मन में कट्टरपंथी या आत्मघाती विचार रहे हों। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के पीछे वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
बताया गया है कि फ्लाइट के दौरान जब ओमानी पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश की, तब कैप्टन स्मित मच्छार ने उसका विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई हुई और भारतीय पायलट घायल हो गए। मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों से मदद मांगी, जिसके बाद यात्रियों ने आरोपी पायलट को काबू में किया। इसके बाद विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया।
जिहादी एंगल की भी चर्चा
घटना के संभावित कारणों को लेकर जिहादी एंगल की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अगर इस घटना को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा के संदर्भ में देखा जाए तो इससे जुड़े कई सवालों पर जानकारी मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना में ईरानी साजिश की आशंका जताई है। इस तरह घटना के पीछे की मंशा को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, लेकिन अभी जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि किसी नियम या प्रक्रिया में कमी के कारण ही ओमानी पायलट को इजरायल जाने वाली फ्लाइट उड़ाने की अनुमति मिली होगी और ऐसी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यूएई की सरकार जांच में पूरा सहयोग कर रही है और दोनों पक्ष मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की भी चर्चा हो रही है। नेतन्याहू ने उन्हें हीरो बताया है। हालांकि, घटना के पीछे ओमानी को-पायलट की वास्तविक मंशा क्या थी और विमान को लेकर उसके कथित कदम के पीछे कौन-सा कारण था, इसका अंतिम जवाब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।
