नेपाल बाढ़ का उत्तराखंड पर असर, चंपावत में SDRF हाई अलर्ट; शारदा नदी किनारे बढ़ाई गई निगरानी

नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तराखंड में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। नेपाल से सटे चंपावत जिले में शारदा नदी और आसपास के संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। टनकपुर में तैनात एसडीआरएफ की टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

उत्तराखंड के चंपावत में हाई अलर्ट पर SDRF
उत्तराखंड के चंपावत में हाई अलर्ट पर SDRF

चंपावत: नेपाल में तिब्बत की ओर से आई अचानक बाढ़ और भीषण तबाही का सीधा असर भारत के सीमावर्ती राज्य उत्तराखंड पर भी दिखने लगा है। सुरक्षा और सतर्कता को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले चंपावत में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

एसडीआरएफ (SDRF) के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर टनकपुर चौकी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही शारदा नदी के संवेदनशील तटीय क्षेत्रों, शारदा घाट और शारदा बैराज के आसपास पुलिस व राहत टीमों की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

एसडीआरएफ की टीमों ने शारदा नदी के निचले इलाकों और घाटों पर पहुंचकर स्थानीय निवासियों तथा मछुआरों को जलस्तर में संभावित वृद्धि को लेकर जागरूक किया है। प्रशासन की ओर से आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों से अपील की गई है कि वे बिना किसी आवश्यक कार्य के नदी के तटीय क्षेत्रों के पास न जाएं और सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। जीवनरक्षक और बचाव उपकरणों के साथ एसडीआरएफ की टीम 24 घंटे मुस्तैद है, वहीं चंपावत जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और जलस्तर की निरंतर मॉनिटरिंग करने के आदेश जारी किए हैं।

इस प्राकृतिक आपदा के कारण उत्तराखंड और नेपाल के बीच होने वाली यात्राएं भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। नेपाल में तबाही के खौफनाक वीडियो और खबरें सामने आने के बाद उत्तराखंड से नेपाल जाने वाले पर्यटकों और नेपाली मूल के निवासियों ने सुरक्षा का जोखिम न लेते हुए अपनी पहले से कराई गई बुकिंग्स रद्द करानी शुरू कर दी हैं।

देहरादून से दिल्ली और नेपाल मार्ग के लिए कारों व उड़ानों की पहले से हुई बुकिंग्स अचानक रद्द होने से स्थानीय ट्रांसपोर्ट और ट्रेवल कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। देवभूमि ट्रेवल एसोसिएशन के अनुसार यदि आपदा की स्थिति लंबी खिंचती है तो राज्य के पर्यटन, होटल और सीमावर्ती व्यापार पर इसका गहरा असर पड़ेगा।

हालांकि, हवाई और निजी कार सेवाओं पर लगे इस ब्रेक के बीच भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा का संचालन फिलहाल सामान्य बना हुआ है। गढ़ी कैंट से नेपाल के महेंद्रनगर और नेपालगंज के लिए नियमित समय पर चलने वाली बसों की आवाजाही पर बाढ़ का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है और यात्री निर्धारित समय पर यात्रा कर रहे हैं। फिर भी, प्रशासन और पर्यटन कारोबारी नेपाल के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

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