तहलका मैगज़ीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में बड़ा झटका लगा है। गोवा में बॉम्बे हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने ट्रायल कोर्ट का बरी करने वाला फैसला रद्द करते हुए उन्हें दुष्कर्म समेत कई धाराओं में दोषी ठहराया है। अदालत ने कहा कि सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सजा का फैसला किया जाएगा।
यह मामला 2013 का है, जब तहलका में काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि गोवा के एक फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उनके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में 30 नवंबर 2013 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में लंबी सुनवाई के बाद 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए उन्हें बरी कर दिया था। इसके खिलाफ गोवा सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कहा कि तरुण तेजपाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(f), 376(2)(k), 354A और 354B के तहत दोषी ठहराया जाता है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सजा पर फैसला होने तक उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए इंतजार करना होगा।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अनुरोध किया कि सजा पर बहस उसी दिन दोपहर में शुरू की जाए। वहीं, तरुण तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने दलील दी कि यह उनका पहला अपराध है, उनकी उम्र 62 वर्ष है और उन्होंने पहले ही करीब छह महीने हिरासत में बिताए हैं। उन्होंने अदालत से न्यूनतम सजा देने की अपील करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के अलग-अलग फैसलों को देखते हुए उनके मुवक्किल को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का वैधानिक अधिकार है।
अदालत ने तरुण तेजपाल को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वह सच और तथ्यों को सामने लाने का काम करते रहे हैं। उन्होंने खुद को दो बेटियों का पिता बताते हुए कहा कि अब उनके पास उच्च अदालत में अपील करने का विकल्प बचा है। उनके वकील ने उन्हें अदालत से सजा में नरमी की अपील करने की सलाह दी है।
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि आरोपी ने अपने कृत्य पर कभी पछतावा नहीं जताया और कथित घटना के अगले दिन भी उसने वही व्यवहार दोहराया। उनके अनुसार, आरोपी का रवैया पूरी तरह निर्भीक और असंवेदनशील था।
अब इस मामले में अदालत सजा की अवधि पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतिम फैसला सुनाएगी। वहीं, दोषसिद्धि के खिलाफ तरुण तेजपाल के सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की संभावना भी बनी हुई है।
