Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड के कई जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में आज भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज दौर की बौछारें पड़ने की संभावना है।
इन 8 जिलों में झमाझम बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, उधम सिंह नगर, चंपावत और टिहरी जिलों में कहीं-कहीं पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं तेज दौर की बारिश दर्ज की जा सकती है।
देहरादून का हाल और मालदेवता में 233 मिमी बारिश
मंगलवार को देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। सोमवार देर रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रही। दोपहर बाद मौसम साफ हुआ और धूप निकल आई, लेकिन लगातार हुई बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई। मंगलवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में सबसे अधिक 233 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सोमवार रात से हो रही लगातार बारिश ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। पिछले साल सितंबर में भी बारिश ने आपदा मचाई थी और 101 साल का रिकॉर्ड टूटा था, तब सहस्त्रधारा में सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। इस बार भी मालदेवता और सहस्त्रधारा क्षेत्र हॉटस्पॉट बने हुए हैं।
नदियां उफान पर, मलबा गिरने से कई परिवार घरों में कैद
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ियों के खिसकने और मलबे के कारण सड़के टूटने से आवागमन बाधित हो रहा है। मंगलवार को मालदेवता क्षेत्र में सल्फर पॉइंट की ओर जाने वाले रास्ते पर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया, वहीं शेरकी रोड पर गदेरे से मलबा आने के कारण रास्ता बाधित रहा।
इसके अलावा, मालदेवता मार्ग पर काम चलने के दौरान पहाड़ का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। सोडा सरोली में रास्ते पर बहने वाला गदेरा उफान पर आने से मुख्य मार्ग तक मलबा पहुंच गया, जिसके चलते लगभग 15 परिवारों को अपने घरों में ही कैद रहने पर मजबूर होना पड़ा।
खतरे के निशान के करीब पहुंचीं नदियां और 111 मार्ग बंद
प्रदेश भर में नदी-नाले उफान पर हैं। रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी और अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के बेहद करीब पहुंच गया है। चमोली में पिंडर नदी खतरे के निशान से महज 4 मीटर नीचे बह रही है, जबकि पिथौरागढ़ में काली, गोरी और सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के करीब बना हुआ है।
बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश भर में 111 मार्ग बंद हो चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाके प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री धामी खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं पूरी स्थिति और व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीएम ने आपदा प्रबंधन सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति या आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
