IMD का हाई अलर्ट: 16 जुलाई तक देशभर में भारी बारिश, उत्तराखंड के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई 2026 तक देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के 10 संवेदनशील पहाड़ी जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अत्यधिक सक्रिय होने के मद्देनजर देश के बड़े हिस्से के लिए अगले एक सप्ताह का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों के भीतर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तराखंड के कई संवेदनशील जिलों में अचानक बाढ़ आने की संभावना जताई गई है। आईएमडी के द्वारा 11 जुलाई को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, एक सक्रिय मॉनसून ट्रफ, पश्चिमी विक्षोभ और कई चक्रवातीय परिसंचरणों के प्रभाव के कारण देश में 16 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। उत्तर-मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र भले ही कमजोर हो गया हो, लेकिन उससे जुड़ा चक्रवातीय सिस्टम अभी भी गंगा के मैदानी इलाकों के मौसम को प्रभावित कर रहा है।

उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून का सबसे सक्रिय दौर

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत इस दौरान मॉनसून के सबसे सक्रिय चरण का गवाह बनेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अगले कई दिनों तक बादलों का डेरा रहेगा। आईएमडी ने अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दिनों के लिए भारी बारिश का अनुमान लगाया है। जम्मू-कश्मीर में 11 और 12 जुलाई, हिमाचल प्रदेश में 11 से 15 जुलाई, उत्तराखंड में 11 से 16 जुलाई, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 11 से 13 जुलाई तथा उत्तर प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत में तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका

मध्य भारत में भी मॉनसून की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं, जिसके कारण मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 16 जुलाई और छत्तीसगढ़ में 13 से 16 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दूसरी ओर, पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार और ओडिशा में सक्रिय मॉनसून के कारण व्यापक वर्षा जारी रहेगी। आईएमडी ने 11 जुलाई को बिहार और 11 व 12 जुलाई को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसकी वजह से कई संवेदनशील जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के लिए विशेष चेतावनी

पूर्वोत्तर राज्य इस पूरे सप्ताह देश के सबसे गीले क्षेत्रों में बने रहेंगे, जहाँ अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का अनुमान है। असम, मेघालय और अन्य नागालैंड-मणिपुर क्षेत्रों में 11 जुलाई को बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन सबके बीच मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के लिए एक विशेष और बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। राज्य के 10 जिलों—अलमोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी में मूसलाधार बारिश के चलते अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की संभावना काफी प्रबल है।

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