Iran Israel Tension: तेहरान से सामने आए घटनाक्रम में ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता या देश के नेतृत्व के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी का तुरंत और पूरी ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए इजरायली रक्षा मंत्री के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मौत का जिक्र किया था। अपने पोस्ट में अराघची ने कहा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) की शर्तें पूरी तरह स्पष्ट हैं और सभी के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की ओर से यह वादा किया है कि वह तेल अवीव में अपने सहयोगियों को नियंत्रण में रखेंगे। अराघची ने यह भी कहा कि यदि वे अपने प्रमुख की बात नहीं मानते हैं, तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा।
अराघची ने दोहराया कि ईरान के लोगों और नेतृत्व के खिलाफ किसी भी प्रकार की धमकी का तत्काल और पूरी शक्ति के साथ जवाब दिया जाएगा।
दरअसल, अराघची द्वारा साझा किए गए पोस्ट के अनुसार, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज से जब ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनकी “मौत” तय है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी बातचीत में रियायतें हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं और इजरायल ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा। उनके मुताबिक, यदि यह किसी समझौते के जरिए संभव होता है तो यह और बेहतर होगा।
The terms of the Islamabad MoU are crystal clear and public for all to see.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) July 1, 2026
POTUS has committed the U.S. to muzzling its pets in Tel Aviv. If they ignore their master, Iran will school them.
Any threat against our People and Leadership will receive Immediate Powerful Response. pic.twitter.com/VrKa259gYd
यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर जारी है। कतर की राजधानी दोहा में बुधवार को कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता जारी रही। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फिलहाल दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने नहीं मिल रहे हैं। बंद कमरे में बैठकें हो रही हैं और मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य 17 जून को इस्लामाबाद में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लागू करना है। बातचीत में ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों और होर्मुज स्ट्रेट की समुद्री सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
