Venezuela Earthquake: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। एक मिनट के अंतराल में आए 7.1 और 7.5 तीव्रता के भूकंप के झटकों से कई इमारतें और मकान ढह गए। अब तक 32 लोगों की मौत और 700 लोगों के घायल होने की खबर है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
बुधवार को वेनेजुएला की राजधानी काराकस के पश्चिमी हिस्से में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटकों के कारण कई इमारतें गिर गईं और लोग मलबे में दब गए। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस आपदा से भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है।
यू.एस. जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और एक मिनट से भी कम समय बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मरने वालों की संख्या 10,000 से 1,00,000 के बीच हो सकती है।
भूकंप के बाद वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में इमरजेंसी घोषित कर दी। राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है, उनके प्रति सरकार संवेदना व्यक्त करती है। हालांकि उन्होंने मृतकों और घायलों की कुल संख्या का खुलासा नहीं किया।
Tras los fuertes sismos registrados esta tarde en el país, hemos decretado Estado de Emergencia en todo el territorio nacional.
— Delcy Rodríguez (@delcyrodriguezv) June 25, 2026
Hacemos un llamado a todos los ciudadanos y ciudadanas a mantenerse atentos, en resguardo y con la mayor calma posible. pic.twitter.com/WFlj6rVs0U
भूकंप के बाद गिरी हुई इमारतों और क्षतिग्रस्त ढांचों के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। स्थानीय अधिकारियों और चश्मदीदों के अनुसार, कई इमारतें ढह गई हैं और घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने सरकारी टीवी पर कहा कि कई इमारतें और घर ढह गए हैं तथा स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
आपदा के बाद अमेरिका ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के अधिकारियों के संपर्क में है और सहायता जुटाई जा रही है। काराकस स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और क्षतिग्रस्त इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
The US stands with the Venezuelan people in the aftermath of this evening’s devastating earthquakes. We’re in touch with the authorities and mobilizing assistance. May God bless our Venezuelan friends at this difficult moment. ¡Fuerza Venezuela! ¡Estamos con Ustedes! 🇺🇸🙏🇻🇪
— Christopher Landau (@DeputySecState) June 25, 2026
भूकंप जिस दिन आया, उस दिन वेनेजुएला में सार्वजनिक अवकाश था। इसी दिन वर्ष 1821 में देश को स्पेन से स्वतंत्रता मिली थी, जिसके कारण लोग अपने घरों में मौजूद थे।
पश्चिमी काराकस की निवासी एस्ट्रिड रामिरेज़ ने बताया कि भूकंप शुरू होते ही लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी और सभी लोग सीढ़ियों से नीचे भागने लगे। वहीं पूर्वी काराकस की निवासी कोरो मार्टिनेज ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतना तेज झटका महसूस किया।
काराकस के अस्पतालों में घायलों के इलाज के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है। शहर के उत्तर में स्थित माइक्वेटिया का प्रमुख हवाई अड्डा नुकसान के कारण बंद कर दिया गया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस त्रासदी पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में आए भूकंप से हुई तबाही से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।
Deeply saddened by the devastation caused by the severe earthquakes in Venezuela.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2026
On behalf of the people of India, I extend our heartfelt condolences to the Government and people of Venezuela, especially to the families who have lost their loved ones. We pray for the speedy…
हालांकि भूकंप का वेनेजुएला के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जिन इलाकों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, वहां महत्वपूर्ण तेल सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। लेक माराकाइबो के बड़े तेल केंद्र के पास स्थित माराकाइबो शहर में भी किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
