अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर जारी विवाद के बीच सियासी और धार्मिक बयानबाजी और तेज हो गई है। धर्मसेना प्रमुख और हिंदूवादी नेता संतोष दुबे ने राम मंदिर ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और चढ़ावे से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह “रामनाम की नहीं, रामरत्न की लूट” का मामला है।
संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी बताए जाने वाले टुन्नू यादव, जो पहले ड्राइवर के तौर पर काम करते थे, कुछ ही वर्षों में करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में टुन्नू यादव का 60 कमरों का आलीशान मकान है, जिसमें लिफ्ट जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। दुबे ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संपत्ति आखिर किन स्रोतों से अर्जित की गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “चंपत ही चपत लगा रहे हैं।”
चंपत राय और नृपेंद्र मिश्रा पर भी साधा निशाना
संतोष दुबे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “बैंक की रखवाली चोर कर रहा है।” वहीं महंत कमलनयन दास के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार अयोध्या के किसी संत ने खुलकर सही बात कही है। उन्होंने कहा कि कम से कम उनका जमीर तो जागा। दुबे ने कहा कि यदि चंपत राय को पद से हटाया जाए तो अयोध्या की स्थिति अब भी सुधर सकती है, अन्यथा इसका नुकसान भाजपा को भी उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि संघ परिवार से जुड़े कुछ लोग, जो कभी साधारण जीवन जीते थे, आज लग्जरी गाड़ियों में घूम रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और नृपेंद्र मिश्रा पर भी सवाल उठाए।
‘अयोध्या में बाहरी लोगों का प्रभाव बढ़ा’
हिंदूवादी नेता ने आरोप लगाया कि अयोध्या में बाहरी लोगों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, वीएचपी, भाजपा और संघ से जुड़े लोगों ने अयोध्या की मर्यादा को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि गुजरात लॉबी हावी हो गई है और इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
दुबे ने सवाल उठाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोना, चांदी और नकद दान का पूरा हिसाब आखिर कहां है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर लूट हो रही है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि टुन्नू यादव इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संपत्ति के मालिक कैसे बन गए।
चढ़ावे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
संतोष दुबे ने कहा कि मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद देशभर से श्रद्धालुओं ने बड़ी मात्रा में दान दिया, लेकिन चढ़ावे का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि दान और उसके उपयोग से संबंधित सभी जानकारियां सार्वजनिक की जाएं ताकि किसी प्रकार का विवाद न रहे।
हालांकि, संतोष दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों पर राम मंदिर ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद या अन्य संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
