जोधपुर: यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से गुरुवार (4 जून) को एक बड़ी राहत मिली है। जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने आसाराम की लगातार बिगड़ती सेहत को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन को उन्हें उचित और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि आसाराम की तबीयत अधिक खराब होती है, तो उन्हें आयुर्वेद अस्पताल में स्थानांतरित कर इलाज कराने की विशेष छूट दी जाएगी।
बुधवार को कोर्ट ने प्रशासन से मांगे थे जवाब
इस मामले में आसाराम की ओर से उनके अधिवक्ता आर.एस. सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने अदालत में पैरवी की। इससे पहले बुधवार (3 जून) को भी इस मामले पर विस्तार से सुनवाई हुई थी, लेकिन वह अधूरी रह गई थी। तब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन से पूछा था कि क्या कोर्ट द्वारा पहले दिए गए पुराने आदेशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है? दरअसल, पुराने आदेश में कोर्ट ने जेल में बंद आसाराम को समय पर इलाज, आवश्यक दवाइयां और घर का बना एक समय का सात्विक खाना देने के निर्देश दिए थे। सरकार ने इस पर अपना पक्ष रखने और जवाब देने के लिए कोर्ट से थोड़ा समय मांगा था।
मंगलवार को अचानक बिगड़ी थी तबीयत
आपको बता दें कि मंगलवार शाम को जोधपुर जेल के भीतर आसाराम की तबीयत अचानक काफी ज्यादा बिगड़ गई थी। सीने में दर्द और अन्य शारीरिक समस्याओं की शिकायत के बाद उन्हें जेल प्रशासन द्वारा तुरंत इलाज के लिए जोधपुर के आरोग्यं अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। इसी घटना के बाद उनके वकीलों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
पहले रद्द हो चुकी है अंतरिम जमानत
हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को स्वास्थ्य के आधार पर मिली अंतरिम (टेंपरेरी) जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था। पिछले करीब 2 साल से उनकी अंतरिम जमानत को लगातार बढ़ाया जा रहा था, जिस पर कोर्ट ने अब पूरी तरह रोक लगा दी थी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया था कि इतने गंभीर मामलों में आरोपी के स्वास्थ्य और अधिकारों से कहीं ज्यादा पीड़िता का सम्मान, उसकी सुरक्षा और उसे मिलने वाला न्याय जरूरी है। कोर्ट की इस सख्ती के बाद आसाराम को वापस जेल जाना पड़ा था, लेकिन अब स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए उन्हें इलाज की बड़ी सुविधा जरूर मिल गई है।
