India-US Economic Partnership: मुंबई में बुधवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और उद्योगपति आनंद महिंद्रा के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने अमेरिका में महिंद्रा समूह के निवेश, रोजगार सृजन और भारत-अमेरिका आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के संबंधों को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते निवेश और कारोबारी सहयोग से न केवल आर्थिक विकास को गति मिल रही है, बल्कि मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाएं भी तैयार हो रही हैं।
गोर ने महिंद्रा समूह द्वारा अमेरिका में किए जा रहे विनिर्माण निवेशों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय और अमेरिकी निजी क्षेत्र दोनों ही बड़े स्तर पर निवेश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई प्रमुख कंपनियां भारत में तकनीक और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए दीर्घकालिक निवेश योजनाओं पर काम कर रही हैं।
भारत-अमेरिका आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में हाल ही में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिज ढांचा समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य उन्नत प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। साथ ही, यह आपूर्ति शृंखलाओं को बाहरी दबावों और एकल स्रोत पर निर्भरता से बचाने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
राजदूत गोर ने यह भी जानकारी दी कि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी सिलसिले में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के सहायक प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच की भारत यात्रा को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
मुंबई में आयोजित सिटी इंडिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोर ने कहा कि रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे क्षेत्रों में बढ़ता रणनीतिक सहयोग दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होती साझेदारी भविष्य की वैश्विक आर्थिक और तकनीकी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा व्यापार और निवेश संबंधों को और गहरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है और इससे द्विपक्षीय समृद्धि को नई गति मिल रही है।
