कोलकाता: सोनारपुर में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ता है।
मीडिया से बातचीत में रत्ना देबनाथ ने अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंके जाने की घटना का जिक्र करते हुए सोनारपुर के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि लोगों ने अभिषेक बनर्जी की “त्वचा और बालों की देखभाल” करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस दोबारा सत्ता में आती तो राज्य में हिंसा और खून-खराबा बढ़ सकता था। उनके मुताबिक, हर व्यक्ति को अपने किए गए कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ता है।
रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने उनसे उनका सब कुछ छीन लिया है। अपनी बेटी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उसके सपने पूरे नहीं हो सके, लेकिन उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
बीजेपी विधायक ने राज्य सरकार और तत्कालीन प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी से जुड़े मामले में सच्चाई को छिपाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय सत्ता में बैठे लोगों और कुछ स्थानीय नेताओं ने उनके परिवार के साथ न्याय नहीं होने दिया।
रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के शव को घर पर रखने तक की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह सब तत्कालीन सरकार के निर्देश पर हुआ था।
अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने पापों का प्रायश्चित करना होगा। उन्होंने दोहराया कि उनका परिवार न्याय की लड़ाई जारी रखेगा और कथित भ्रष्टाचार तथा अन्याय को उजागर करने का प्रयास करता रहेगा।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तथा विपक्षी बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
