रायबरेली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में उनके खिलाफ एक परिवाद दर्ज कराया गया है। यह परिवाद न्यायालय पंचम अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) जेएम की कोर्ट में दायर किया गया है। भाजपा नेता शकील अहमद खान ने यह परिवाद दायर करते हुए कोर्ट से थाना डीह, सदर कोतवाली और एसपी को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग की है।
शकील अहमद खान का आरोप है कि राहुल गांधी ने प्रतिशोध की भावना से देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को गद्दार कहा था, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है और उनकी मानहानि हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने भाजपा को भड़काने, देश का माहौल खराब करने और सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री तथा भाजपा की छवि खराब करने के इरादे से ऐसी टिप्पणी की है।
राहुल के बयान से भावनाएं आहत होने का दावा
परिवादकर्ता मोहम्मद शकील ने बताया कि राहुल गांधी के इस बयान से जिले के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इस मामले में सबसे पहले 23 मई को डाक के माध्यम से रायबरेली के एसपी को एक प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस के स्तर पर कोई कार्रवाई न होने या कोई आश्वासन न मिलने के बाद उन्होंने एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने इस मामले को स्वीकार कर लिया है और अगली सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख तय की है।
जनसभा में दिया था विवादित बयान
यह पूरा विवाद रायबरेली में हुई एक जनसभा से जुड़ा है, जहां राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर बयान दिया था। कांग्रेस ने राहुल गांधी के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है।
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी और आरएसएस के लोग अगर सामने आएं और नरेंद्र मोदी-अमित शाह की बात करें, तो उनसे खुलकर कहिए कि वे गद्दार हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया था कि बीजेपी गद्दार है क्योंकि इन लोगों ने मिलकर देश को बेचने का काम किया है और संविधान, गांधी जी तथा आंबेडकर जी पर हमला किया है।
