Dhar Bhojshala Row: मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में हाई कोर्ट के फैसले के बाद नया मोड़ आ गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला को मंदिर माना है, जिसके बाद हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का अधिकार मिल गया है। फैसले के तुरंत बाद मुस्लिम पक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
जानकारी के अनुसार, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर आए हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए काजी मोइनुद्दीन ने गुरुवार रात करीब 8:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत इस मामले पर शुक्रवार को ही सुनवाई कर सकती है।
इधर, हाई कोर्ट के फैसले के बाद धार की भोजशाला में शुक्रवार को विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर पक्ष की ओर से सुबह 9 बजे मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके अलावा दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे।
बताया जा रहा है कि करीब 721 वर्षों के संघर्ष के बाद यह पहला अवसर है, जब शुक्रवार के दिन भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी के जयकारे गूंजेंगे। अब तक हर शुक्रवार को यहां मुस्लिम समुदाय नमाज अदा करता था, लेकिन इस बार शुक्रवार को नमाज नहीं होगी और उसकी जगह महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। धार शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि आसपास के जिलों की पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
