लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के रायबरेली दौरे के दौरान दिए गए बयान पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को लेकर राहुल गांधी की तीखी टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर जोरदार पलटवार किया है। बीजेपी नेताओं ने राहुल के बयान को “दुर्भाग्यपूर्ण”, “अराजकतावादी मानसिकता” और “लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ” बताया है।
राहुल गांधी बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के धुलवारी गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने वीरा पासी की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान आयोजित जनसभा में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जब आरएसएस कार्यकर्ता उनके सामने आएं और प्रधानमंत्री मोदी तथा अमित शाह की बात करें, तो उन्हें खुलकर कहना चाहिए कि “आपका प्रधानमंत्री गद्दार है, आपका गृह मंत्री गद्दार है, आपका संगठन गद्दार है। आपने हिंदुस्तान को बेचने का काम किया है। आपने संविधान पर हमला किया है। आपने अंबेडकर और गांधी जी पर हमला किया है।”
राहुल गांधी ने अपने भाषण में केंद्र सरकार पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस देश की संवैधानिक व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं और जनता को इसके खिलाफ खुलकर आवाज उठानी चाहिए।
राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी के बयान को भारतीय राजनीति की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार से राहुल गांधी हताश हो चुके हैं और उनकी निराशा अब उनके व्यवहार और भाषा में साफ दिखाई देने लगी है।
नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, “राहुल गांधी भारतीय राजनीति के ‘राहू’ बन चुके हैं, जो देश के राजनीतिक माहौल को दूषित करने का काम कर रहे हैं।” उन्होंने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी के पूर्वजों ने हमेशा देश की जमीन को गिरवी रखने का काम किया और कभी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास नहीं किया।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद और नक्सलवाद पर पहले की तुलना में काफी हद तक नियंत्रण स्थापित किया गया है और भारतीय सेना आज स्वाभिमान के साथ काम कर रही है।
नितिन नवीन ने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा, “क्या देश की जमीन की रक्षा करना और नक्सलवाद खत्म करना गद्दारी है?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार चरम पर था, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
इस विवाद में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस तरह के बयान देकर केवल राजनीतिक विरोधियों पर हमला नहीं कर रहे, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और देश की संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं। भंडारी ने कहा कि ऐसी भाषा पाकिस्तान या आतंकवादी संगठनों द्वारा इस्तेमाल की जाती है और राहुल गांधी का बयान देश के 140 करोड़ नागरिकों का अपमान है।
Rahul Gandhi has insulted the 140 crore people of this country by insulting and using the GADDAR word for PM Modi.
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) May 20, 2026
Rahul Gandhi’s remote control is the hand of Pakistan & other Anti National forces! pic.twitter.com/kiNVZdOQIZ
राहुल गांधी के बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।
