Petrol Diesel Price Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार, 15 मई को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेल कंपनियों की ओर से जारी नए रेट के मुताबिक कई शहरों में पेट्रोल और डीजल 3 रुपये से लेकर 3.60 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका असर अब परिवहन, माल ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ने की आशंका है।
महानगरों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा रेट (15 मई 2026)
पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद नए दाम इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल का नया रेट (प्रति लीटर) | बढ़ोतरी |
| हैदराबाद | ₹110.89 | ₹3.39 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹110.58 | ₹3.20 |
| कोलकाता | ₹108.74 | ₹3.29 |
| पटना | ₹108.55 | ₹3.01 |
| जयपुर | ₹107.97 | ₹2.94 |
| मुंबई | ₹106.64 | ₹3.10 |
| बेंगलुरु | ₹106.17 | ₹3.21 |
| भुवनेश्वर | ₹104.57 | ₹3.60 |
| चेन्नई | ₹103.90 | ₹3.10 |
| नोएडा | ₹98.04 | ₹3.30 |
| नई दिल्ली | ₹97.77 | ₹3.00 |
| लखनऊ | ₹97.55 | ₹2.82 |
| चंडीगढ़ | ₹97.27 | ₹2.97 |
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी: ताजा रेट लिस्ट (Diesel Price Today)
| शहर | वर्तमान रेट (प्रति लीटर) | बढ़ोतरी (रुपये में) |
| तिरुवनंतपुरम | ₹99.35 | ₹3.09 |
| हैदराबाद | ₹98.96 | ₹3.26 |
| भुवनेश्वर | ₹96.11 | ₹3.56 |
| चेन्नई | ₹95.47 | ₹3.08 |
| कोलकाता | ₹95.13 | ₹3.11 |
| पटना | ₹94.63 | ₹2.85 |
| बेंगलुरु | ₹94.10 | ₹3.11 |
| जयपुर | ₹93.23 | ₹2.74 |
| मुंबई | ₹93.14 | ₹3.11 |
| नोएडा | ₹91.31 | ₹3.50 |
| लखनऊ | ₹90.82 | ₹2.96 |
| नई दिल्ली | ₹90.67 | ₹3.00 |
| चंडीगढ़ | ₹85.25 | ₹2.80 |
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास बढ़ता तनाव है। दुनिया के बड़े हिस्से में तेल सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से होती है और हालिया घटनाओं ने वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
सरकार और तेल कंपनियों पर भी इसका दबाव बढ़ता जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक लंबे समय तक कंपनियां बढ़ी हुई लागत के बावजूद पुराने रेट पर ईंधन बेच रही थीं, जिससे भारी अंडर-रिकवरी का बोझ बढ़ गया था। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपये का दबाव बताया गया है। हालांकि सरकार ने पहले एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर राहत देने की कोशिश की थी, लेकिन अब बढ़ती वैश्विक कीमतों के चलते कंपनियों के लिए पुराने दाम बनाए रखना मुश्किल हो गया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी पहले ही संकेत दिए थे कि अगर मिडिल ईस्ट संकट लंबा खिंचता है तो भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि तेल और गैस सप्लाई चेन प्रभावित होने का असर भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर सीधे पड़ेगा। अब वही असर बाजार में साफ दिखाई देने लगा है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर न केवल आम लोगों के यात्रा खर्च पर पड़ेगा बल्कि खाद्य पदार्थों और जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई को लेकर चिंता और बढ़ सकती है।
