Madhya Pradesh Weather Today: मध्य प्रदेश में मई के महीने में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के ऊपर सक्रिय दो ट्रफ लाइनों और चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के कारण कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ कुछ शहरों में भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रदेश के 13 जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और शहडोल जैसे जिलों में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है, जिसे लेकर प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
शुक्रवार को भी प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहा। राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सागर, विदिशा और शिवपुरी जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल मई की शुरुआत से ही मौसम का मिजाज असामान्य बना हुआ है। आमतौर पर इस समय लू और भीषण गर्मी का असर रहता है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस और स्थानीय सिस्टम के चलते बार-बार बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। इस बेमौसम बारिश ने जहां आम लोगों को गर्मी से क्षणिक राहत दी है, वहीं किसानों के लिए चिंता बढ़ा दी है क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने का डर बना हुआ है।
एक तरफ बारिश का अलर्ट है, तो दूसरी तरफ मालवा और निमाड़ के इलाकों में गर्मी अपने तीखे तेवर दिखा रही है। शुक्रवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा।
शाजापुर और उज्जैन में भी पारा 42 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जबकि भोपाल और इंदौर में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर और जबलपुर में हालांकि गर्मी का असर तुलनात्मक रूप से थोड़ा कम रहा, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई रखी।
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, राहत का यह सिलसिला अब खत्म होने की ओर है। शनिवार के बाद आंधी और बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। रविवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में तेजी से उछाल देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होगी, जिससे एक बार फिर भीषण गर्मी और लू का दौर शुरू हो सकता है। खराब मौसम के मद्देनजर विभाग ने बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है।
