नई दिल्ली: भारतीय स्टेट बैंक के करोड़ों ग्राहकों के लिए इस महीने के अंत में बैंकिंग सेवाएं प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 25 और 26 मई को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल के कारण महीने के आखिरी हफ्ते में बैंक की शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहने की आशंका जताई जा रही है।
कैलेंडर के अनुसार, 23 मई को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा और 24 मई को रविवार की छुट्टी है। इसके तुरंत बाद 25 और 26 मई को कर्मचारियों की हड़ताल होने से एसबीआई की शाखाएं लगातार चार दिनों तक बंद रह सकती हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन तारीखों के बीच कोई अन्य सार्वजनिक अवकाश आता है, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को 27 मई तक भी खींच सकते हैं। बैंक प्रबंधन को 2 मई को सौंपे गए नोटिस में यूनियन ने कहा है कि यह कदम औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत उठाया जा रहा है।
कर्मचारी संगठन मुख्य रूप से स्टाफिंग की कमी, सेवा शर्तों में सुधार, भर्ती नीतियों और पेंशन लाभों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर आक्रोशित हैं। फेडरेशन का आरोप है कि बैंक प्रबंधन पिछले लंबे समय से कामगार श्रेणी के कर्मचारियों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रहा है और पूर्व में हुए समझौतों को भी अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यूनियन ने 5 मई से ही चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है, जिसमें धरने और सोशल मीडिया अभियान शामिल हैं। आगामी 19 मई को वित्त मंत्री और 21 मई को प्रधानमंत्री को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपने की तैयारी है।
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लियरिंग और खाता संबंधी अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हालांकि, बैंक प्रशासन ने डिजिटल सेवाओं को सुचारू रखने का भरोसा दिया है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने जरूरी काम हड़ताल से पहले ही निपटा लें। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन शाखाओं के बंद रहने और बैकएंड स्टाफ की कमी के कारण एटीएम सेवाओं पर भी आंशिक असर पड़ सकता है। फिलहाल बैंक प्रबंधन और यूनियन के बीच किसी समझौते के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
