Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है, जो भगवान हनुमान की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस वर्ष 5 मई 2026 से पहले बड़े मंगल की शुरुआत हो रही है। खास बात यह है कि साल 2026 में श्रद्धालुओं को एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग प्राप्त हो रहा है। यह विशेष योग अधिकमास के कारण बना है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना जा रहा है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान श्रीराम और हनुमानजी का प्रथम मिलन हुआ था। इसी कारण यह दिन हनुमान भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। बड़े मंगल पर भक्त व्रत रखते हैं, हनुमान मंदिरों में दर्शन करते हैं, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साथ ही जगह-जगह भंडारे, शर्बत वितरण और प्रसाद सेवा का आयोजन किया जाता है।
इस बार बड़ा मंगल का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास में अधिकमास का संयोग बन रहा है। सामान्यतः ज्येष्ठ माह में 4 या 5 मंगलवार पड़ते हैं, लेकिन इस वर्ष अधिकमास के कारण ज्येष्ठ मास की अवधि लंबी हो गई है, जिससे कुल 8 मंगलवार पड़ रहे हैं। यही वजह है कि इस बार 8 बड़े मंगल मनाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि ऐसा दुर्लभ संयोग करीब 19 साल बाद बना है। इससे पहले साल 2007 में भी ज्येष्ठ मास में अधिकमास पड़ने के कारण ऐसा योग बना था।
ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से मानी जा रही है और यह 29 जून 2026 तक रहेगा। वहीं अधिकमास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस कारण ज्येष्ठ मास की कुल अवधि लगभग 59 दिनों की हो गई है।
साल 2026 में बड़े मंगल की तिथियां इस प्रकार रहेंगी। पहला बड़ा मंगल 5 मई, दूसरा 12 मई, तीसरा 19 मई, चौथा 26 मई, पांचवां 2 जून, छठा 9 जून, सातवां 16 जून और आठवां बड़ा मंगल 23 जून 2026 को पड़ेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल के दिन व्रत रखने, हनुमानजी की पूजा करने, दान-पुण्य करने और जरूरतमंदों की सेवा करने से संकट दूर होते हैं। यह दिन विशेष रूप से कर्ज मुक्ति, भय नाश, शत्रु बाधा से राहत और स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभ माना जाता है। कई श्रद्धालु इस दिन बूंदी, चोला, सिंदूर, लाल वस्त्र और चमेली का तेल अर्पित करते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में जब अधिकमास और ज्येष्ठ माह का संगम हो, तब बड़े मंगल का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है।
इस तरह साल 2026 के 8 बड़े मंगल केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति, सेवा, साधना और पुण्य अर्जित करने का सुनहरा अवसर माने जा रहे हैं। हनुमान भक्तों के लिए यह वर्ष बेहद खास रहने वाला है।
